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सराफा व्यवसायी के हत्या आरोपी तीन सगे भाइयों को उम्रकैद
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सुल्तानपुर। चुनावी रंजिश में आठ वर्ष पूर्व सराफा व्यवसायी की दिनदहाड़े हत्या करने के मामले में बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश उमेशचंद्र शर्मा ने हत्या आरोपी तीन सगे भाइयों को उम्रकैद व डेढ़ लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
जुर्माना से 50 फीसदी धनराशि मृतक के परिवारीजनों को दी जाएगी। मामला गोसाईगंज थाने के भरथीपुर गांव से जुड़ा है। गांव निवासी महेश चंद्र सोनी की गांव के ही अब्दुल जब्बार से चुनाव को लेकर रंजिश चल रही थी।
घटना से पूर्व महेश चंद्र सोनी और अब्दुल जब्बार चुनाव लड़े थे, जिसमें अब्दुल जब्बार चुनाव हार गए थे। तीन मार्च 2011 को दोपहर बाद करीब 12.30 बजे महेश चंद्र सोनी के भरथीपुर गांव के निवासी मौसा जय नरायन सोनी अपने बेटे ज्ञानचंद्र के इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर लखनऊ जाने के लिए घर से निकले थे।
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वे बाबूगंज तिराहे पर सवारी का इंतजार कर रहे थे। तभी सगे भाइयों गफ्फार, इमरान और अब्दुल रहमान ने लाठी, डंडा व तमंचा से लैस होकर उन पर हमला कर दिया था। आरोपियों ने जय नरायन सोनी को मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उनकी गुहार पर लोगों के पहुंचने पर आरोपी तमंचा लहराते हुए चले गए थे।
गंभीर हालत में परिजनों ने जय नरायन सोनी को ट्रामा सेंटर लखनऊ में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसी दिन उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले में आरोपियों गफ्फार, इमरान और अब्दुल रहमान के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी क्रिमिनल तारकेश्वर सिंह ने घटना को साबित करने के लिए 10 गवाहों को कोर्ट में पेश किया। बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश उमेशचंद्र शर्मा ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद हत्या आरोपी सगे भाइयों गफ्फार, इमरान और अब्दुल रहमान को उम्रकैद व 50-50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया। जुर्माना से 50 फीसदी धनराशि मृतक के परिवारीजनों को दी जाएगी।
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जुर्माना से 50 फीसदी धनराशि मृतक के परिवारीजनों को दी जाएगी। मामला गोसाईगंज थाने के भरथीपुर गांव से जुड़ा है। गांव निवासी महेश चंद्र सोनी की गांव के ही अब्दुल जब्बार से चुनाव को लेकर रंजिश चल रही थी।
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घटना से पूर्व महेश चंद्र सोनी और अब्दुल जब्बार चुनाव लड़े थे, जिसमें अब्दुल जब्बार चुनाव हार गए थे। तीन मार्च 2011 को दोपहर बाद करीब 12.30 बजे महेश चंद्र सोनी के भरथीपुर गांव के निवासी मौसा जय नरायन सोनी अपने बेटे ज्ञानचंद्र के इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर लखनऊ जाने के लिए घर से निकले थे।
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वे बाबूगंज तिराहे पर सवारी का इंतजार कर रहे थे। तभी सगे भाइयों गफ्फार, इमरान और अब्दुल रहमान ने लाठी, डंडा व तमंचा से लैस होकर उन पर हमला कर दिया था। आरोपियों ने जय नरायन सोनी को मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उनकी गुहार पर लोगों के पहुंचने पर आरोपी तमंचा लहराते हुए चले गए थे।
गंभीर हालत में परिजनों ने जय नरायन सोनी को ट्रामा सेंटर लखनऊ में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसी दिन उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले में आरोपियों गफ्फार, इमरान और अब्दुल रहमान के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी क्रिमिनल तारकेश्वर सिंह ने घटना को साबित करने के लिए 10 गवाहों को कोर्ट में पेश किया। बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश उमेशचंद्र शर्मा ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद हत्या आरोपी सगे भाइयों गफ्फार, इमरान और अब्दुल रहमान को उम्रकैद व 50-50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया। जुर्माना से 50 फीसदी धनराशि मृतक के परिवारीजनों को दी जाएगी।