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बैंक कर्मियों ने लाभार्थी को किया कर्जमाफी से वंचित
Updated Tue, 19 Sep 2017 10:20 PM IST
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बैंककर्मियों ने लाभार्थी को
किया कर्जमाफी से वंचित
क्रासर
ब्लॉक संग्रामपुर स्थित बीओबी का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
फोटो संख्या-27
अमेठी। ब्लॉक संग्रामपुर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के कर्मियों ने केसीसी खाते में फर्जी तरीके से जमा निकासी कर किसान को ऋण मोचन योजना के लाभ से वंचित कर दिया है। पीड़ित किसान अब न्याय के लिए भटक रहा है।
विकास खंड संग्रामपुर के गांव बनवीरपुर निवासी दिनेशचंद्र दूबे ने वर्ष 2004 में ब्लॉक स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में एक केसीसी खाता खुलवाया था। तब से वह खाते का संचालन कर रहा है। पीड़ित का आरोप है कि भाजपा की ओर से कर्जमाफी की घोषणा के बाद उसने केसीसी खाते से लेन-देन नहीं किया। बावजूद इसके बैंक शाखा प्रबंधक ने नौ जून 2016 को उसके केसीसी खाते में एक लाख 15 हजार 891 रुपये जमा कर इसी दिन निकासी भी कर दी। खाते के साथ छेड़खानी करके पीड़ित को ऋणमोचन योजना के लाभ से वंचित कर दिया गया है। पीड़ित का कहना है कि वह ऋणमोचन योजना का लाभार्थी है। शासन के निर्देश पर जब राजस्व विभाग के कर्मचारियों की ओर से कर्जमाफी संबंधी अभिलेख किसानों से लिए जा रहे थे। उसी दौरान वह भी लेखपाल से मिला और जानकारी की तो पता चला कि उसका नाम सूची में नहीं है। वह जब बैंक गया तो गड़बड़ी का पता चला। इसके बाद से पीड़ित न्याय के लिए भटक रहा है। मंगलवार को पीड़ित दिनेश चंद्र दूबे ने संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी से शिकायत कर बैंक कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने व ऋण मोचन योजना का लाभ दिलाए जाने की मांग की है।
इनसेट
किसान बैंक मैनेजर से मिले
लीड बैंक मैनेजर मनमोहन ने बताया कि बगैर जानकारी दिए किसी भी ग्राहक के खाते में बैंक कर्मी छेड़छाड़ नहीं कर सकते। या तो ग्राहक की सहमति से ऐसा हुआ है या लिपिकीय त्रुटि से। कहा कि लिपिकीय त्रुटि से ऐसा हुआ है तो बैंक मैनेजर से किसान जाकर मिले।
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किया कर्जमाफी से वंचित
क्रासर
ब्लॉक संग्रामपुर स्थित बीओबी का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
फोटो संख्या-27
अमेठी। ब्लॉक संग्रामपुर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के कर्मियों ने केसीसी खाते में फर्जी तरीके से जमा निकासी कर किसान को ऋण मोचन योजना के लाभ से वंचित कर दिया है। पीड़ित किसान अब न्याय के लिए भटक रहा है।
विकास खंड संग्रामपुर के गांव बनवीरपुर निवासी दिनेशचंद्र दूबे ने वर्ष 2004 में ब्लॉक स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में एक केसीसी खाता खुलवाया था। तब से वह खाते का संचालन कर रहा है। पीड़ित का आरोप है कि भाजपा की ओर से कर्जमाफी की घोषणा के बाद उसने केसीसी खाते से लेन-देन नहीं किया। बावजूद इसके बैंक शाखा प्रबंधक ने नौ जून 2016 को उसके केसीसी खाते में एक लाख 15 हजार 891 रुपये जमा कर इसी दिन निकासी भी कर दी। खाते के साथ छेड़खानी करके पीड़ित को ऋणमोचन योजना के लाभ से वंचित कर दिया गया है। पीड़ित का कहना है कि वह ऋणमोचन योजना का लाभार्थी है। शासन के निर्देश पर जब राजस्व विभाग के कर्मचारियों की ओर से कर्जमाफी संबंधी अभिलेख किसानों से लिए जा रहे थे। उसी दौरान वह भी लेखपाल से मिला और जानकारी की तो पता चला कि उसका नाम सूची में नहीं है। वह जब बैंक गया तो गड़बड़ी का पता चला। इसके बाद से पीड़ित न्याय के लिए भटक रहा है। मंगलवार को पीड़ित दिनेश चंद्र दूबे ने संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी से शिकायत कर बैंक कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने व ऋण मोचन योजना का लाभ दिलाए जाने की मांग की है।
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किसान बैंक मैनेजर से मिले
लीड बैंक मैनेजर मनमोहन ने बताया कि बगैर जानकारी दिए किसी भी ग्राहक के खाते में बैंक कर्मी छेड़छाड़ नहीं कर सकते। या तो ग्राहक की सहमति से ऐसा हुआ है या लिपिकीय त्रुटि से। कहा कि लिपिकीय त्रुटि से ऐसा हुआ है तो बैंक मैनेजर से किसान जाकर मिले।
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