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सामान्य मरीज छोड़िए गर्भवतियों को भी नहीं मिलता स्ट्रेचर
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सुल्तानपुर। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जितने गंभीर हैं, जिला अस्पताल प्रशासन उतना ही लापरवाह बना है। जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं को लेकर अमर उजाला ने बुधवार को जायजा लिया तो हालात बदतर नजर आए। गर्भवतियों को जहां स्ट्रेचर नहीं मिला, वहीं बुजुर्ग महिला को व्हील चेयर तक अस्पताल प्रशासन मुहैया नहीं करा सका।
जिला अस्पताल में बुधवार की दोपहर लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के शिवगढ़ गांव से सोमवती को तेज बुखार होने पर उनका बेटा सुखराम लेकर पहुंचा था। बुजुर्ग महिला को इमरजेंसी कक्ष में पैदल ही जाना पड़ा। सुखराम ने बताया कि उसने व्हील चेयर की मांग कि लेकिन वार्ड बॉय ने नहीं दिया। बोला कि व्हील चेयर नहीं है। धारपुर की रहने वाली नीलम भी तेज बुखार से पीड़ित हैं। बुधवार को इमरजेंसी कक्ष की सीढ़ियों पर बैठी नीलम तेज बुखार से तड़प रही थीं।
नीलम के पति प्रदीप ने बताया कि उन्हें चिकित्सक ने भर्ती कर लिया, लेकिन बेड नहीं दिया। इस वजह से उनकी पत्नी सीढ़ियों पर बैठी हैं। जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में एक वार्ड को अस्पताल प्रशासन ने कुंभ मेले के नाम पर आरक्षित कर रखा है। उसके गेट पर हर वक्त ताला लटकता रहता है।
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जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मरीजों को चेयर पर ही लिटाकर चिकित्सक प्राथमिक उपचार कर रहे हैं। यही हाल जिला महिला अस्पताल का है। जिला महिला अस्पताल में बुधवार की दोपहर 102 एंबुलेंस से पहुंची गर्भवती माया (22) मुजेश थाना कूरेभार को अस्पताल में एक अदद स्ट्रेचर नहीं दिया गया।
गर्भवती महिला इधर से उधर टहलती रही। माया को न स्ट्रेचर मिला और न ही किसी चिकित्सक ने उसे देखने की जरूरत समझी। थक-हारकर आखिरकार माया ने अस्पताल में सक्रिय दलालों के फेर में फंसकर प्राइवेट नर्सिंग होम की राह पकड़ ली। जिला महिला अस्पताल से लेकर जिला अस्पताल तक हर तरफ सिर्फ गंदगी ही गंदगी मिली।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में 12 बेड के एक कक्ष को कुंभ मेले के नाम पर पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। सीएमएस ने बताया कि उन्होंने मात्र पांच बेड आरक्षित करने का आदेश दिया था जबकि स्वास्थ्य कर्मियों ने 12 बेड के पूरे कक्ष को ही बंद कर दिया है। इससे स्थिति बिगड़ गई है है। वार्ड को जल्द ही खुलवाया जाएगा।
सीएमएस डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में 10 व्हील चेयर और 25 स्ट्रेचर है। जिला अस्पताल में कुल 11 वार्डो में प्रत्येक वार्ड में दो स्ट्रेचर रखा गया है। तीन स्ट्रेचर इमरजेंसी कक्ष में रखा जाता है। बुधवार को कुछ तीमारदारों ने स्ट्रेचर और व्हील चेयर नहीं मिलने की शिकायत की थी। मामले की जांच की गई और पीड़ित लोगों को स्ट्रेचर और व्हील चेयर दिया गया।
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जिला अस्पताल में बुधवार की दोपहर लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के शिवगढ़ गांव से सोमवती को तेज बुखार होने पर उनका बेटा सुखराम लेकर पहुंचा था। बुजुर्ग महिला को इमरजेंसी कक्ष में पैदल ही जाना पड़ा। सुखराम ने बताया कि उसने व्हील चेयर की मांग कि लेकिन वार्ड बॉय ने नहीं दिया। बोला कि व्हील चेयर नहीं है। धारपुर की रहने वाली नीलम भी तेज बुखार से पीड़ित हैं। बुधवार को इमरजेंसी कक्ष की सीढ़ियों पर बैठी नीलम तेज बुखार से तड़प रही थीं।
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नीलम के पति प्रदीप ने बताया कि उन्हें चिकित्सक ने भर्ती कर लिया, लेकिन बेड नहीं दिया। इस वजह से उनकी पत्नी सीढ़ियों पर बैठी हैं। जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में एक वार्ड को अस्पताल प्रशासन ने कुंभ मेले के नाम पर आरक्षित कर रखा है। उसके गेट पर हर वक्त ताला लटकता रहता है।
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जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मरीजों को चेयर पर ही लिटाकर चिकित्सक प्राथमिक उपचार कर रहे हैं। यही हाल जिला महिला अस्पताल का है। जिला महिला अस्पताल में बुधवार की दोपहर 102 एंबुलेंस से पहुंची गर्भवती माया (22) मुजेश थाना कूरेभार को अस्पताल में एक अदद स्ट्रेचर नहीं दिया गया।
गर्भवती महिला इधर से उधर टहलती रही। माया को न स्ट्रेचर मिला और न ही किसी चिकित्सक ने उसे देखने की जरूरत समझी। थक-हारकर आखिरकार माया ने अस्पताल में सक्रिय दलालों के फेर में फंसकर प्राइवेट नर्सिंग होम की राह पकड़ ली। जिला महिला अस्पताल से लेकर जिला अस्पताल तक हर तरफ सिर्फ गंदगी ही गंदगी मिली।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में 12 बेड के एक कक्ष को कुंभ मेले के नाम पर पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। सीएमएस ने बताया कि उन्होंने मात्र पांच बेड आरक्षित करने का आदेश दिया था जबकि स्वास्थ्य कर्मियों ने 12 बेड के पूरे कक्ष को ही बंद कर दिया है। इससे स्थिति बिगड़ गई है है। वार्ड को जल्द ही खुलवाया जाएगा।
सीएमएस डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में 10 व्हील चेयर और 25 स्ट्रेचर है। जिला अस्पताल में कुल 11 वार्डो में प्रत्येक वार्ड में दो स्ट्रेचर रखा गया है। तीन स्ट्रेचर इमरजेंसी कक्ष में रखा जाता है। बुधवार को कुछ तीमारदारों ने स्ट्रेचर और व्हील चेयर नहीं मिलने की शिकायत की थी। मामले की जांच की गई और पीड़ित लोगों को स्ट्रेचर और व्हील चेयर दिया गया।