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मतगणना एजेंट बनाने की तैयारी में जुटे प्रत्याशी
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मतगणना एजेंट बनाने की तैयारी में जुटे प्रत्याशी
सुल्तानपुर। लोकसभा चुनाव का मतदान समाप्त होने के बाद अब प्रमुख प्रत्याशियों के खेमे में गणना एजेंट बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रत्याशी जानकार लोगों की तलाश कर रहे हैं। गणना एजेंट बनाने के लिए उनके प्रपत्र मंगाए जा रहे हैं।
12 मई को मतदान होने के बाद अब प्रशासन के साथ प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रत्याशी भी गणना की तैयारी में जुटे हैं। खासकर भाजपा, कांग्रेस व गठबंधन प्रत्याशी के खेमे में गणना एजेंट बनाने की कवायद शुरू हो गई है।
प्रत्याशियों के कार्यकर्ता जानकार लोगों को गणना एजेंट बनाने की व्यवस्था में लगे हैं। प्रत्याशियों एवं उनके कार्यकर्ताओं की ओर से ऐसे लोगों को गणना एजेंट बनाने के लिए उनके प्रपत्र मंगाए जा रहे हैं।
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पांचों विधानसभा क्षेत्रों में टेबलवार गणना एजेंट बनाने के लिए खाका तैयार किया जा रहा है। प्रत्याशियों को जोर एक-एक मतों पर निगाह रखने की है।
चुनाव समाप्त होने के बाद प्रत्याशियों की हार-जीत के कयासों का बाजार गर्म है। गांव से लेकर शहर के हर गली चौराहे पर सुबह से शाम तक प्रत्याशियों के हार जीत की चर्चा चल रही है।
कुछ लोग तो पूरा आंकड़ों के हिसाब से अपने पंसदीदा प्रत्याशी के पक्ष में राय बता रहे हैं। हार-जीत को लेकर सट्टेबाजी भी शुरू हो गई है। चर्चा के दौरान लाख रुपये तक का सट्टा लग रहा है। सभी पक्षों की ओर से पेश किए जा रहे लिखित अनुमान कई जगह सुरक्षित रखे जा रहे हैं।
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सुल्तानपुर। लोकसभा चुनाव का मतदान समाप्त होने के बाद अब प्रमुख प्रत्याशियों के खेमे में गणना एजेंट बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रत्याशी जानकार लोगों की तलाश कर रहे हैं। गणना एजेंट बनाने के लिए उनके प्रपत्र मंगाए जा रहे हैं।
12 मई को मतदान होने के बाद अब प्रशासन के साथ प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रत्याशी भी गणना की तैयारी में जुटे हैं। खासकर भाजपा, कांग्रेस व गठबंधन प्रत्याशी के खेमे में गणना एजेंट बनाने की कवायद शुरू हो गई है।
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प्रत्याशियों के कार्यकर्ता जानकार लोगों को गणना एजेंट बनाने की व्यवस्था में लगे हैं। प्रत्याशियों एवं उनके कार्यकर्ताओं की ओर से ऐसे लोगों को गणना एजेंट बनाने के लिए उनके प्रपत्र मंगाए जा रहे हैं।
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पांचों विधानसभा क्षेत्रों में टेबलवार गणना एजेंट बनाने के लिए खाका तैयार किया जा रहा है। प्रत्याशियों को जोर एक-एक मतों पर निगाह रखने की है।
चुनाव समाप्त होने के बाद प्रत्याशियों की हार-जीत के कयासों का बाजार गर्म है। गांव से लेकर शहर के हर गली चौराहे पर सुबह से शाम तक प्रत्याशियों के हार जीत की चर्चा चल रही है।
कुछ लोग तो पूरा आंकड़ों के हिसाब से अपने पंसदीदा प्रत्याशी के पक्ष में राय बता रहे हैं। हार-जीत को लेकर सट्टेबाजी भी शुरू हो गई है। चर्चा के दौरान लाख रुपये तक का सट्टा लग रहा है। सभी पक्षों की ओर से पेश किए जा रहे लिखित अनुमान कई जगह सुरक्षित रखे जा रहे हैं।