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धनतेरस पर हुई 10 करोड़ की धनवर्षा
Amarujala Bureau
Updated Fri, 28 Oct 2016 10:35 PM IST
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बाजारों में रौनक
- फोटो : अमर उजाला
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धनतेरस पर्व पर शुक्रवार को बाजार गुलजार रहा। सराफा, वाहन, कपड़े, मिठाई व अन्य सामग्रियों की जमकर बिक्री हुई। धनतेरस पर अनुमानित 10 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। चौक इलाके में आभूषण, वस्त्र, बर्तन व अन्य सामानों की खरीदारी में महिलाओं की खासी भीड़ रही। महंगाई को दरकिनार कर लोगों ने दीपावली पूजन के लिए सोने व चांदी के लक्ष्मी-गणेश की खरीदारी की।
धनवंतरि जयंती को लोग धनतेरस के रूप में भी मनाते हैं। इस दिन बर्तन, ज्वेलरी आदि की खरीदारी शुभ मानी जाती है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार खरीदारी तेज रही। महंगाई के बावजूद लोगों ने सोने के आभूषण व कीमती जेवरात खरीदने में दिलचस्पी दिखाई। इस बार सोने का दाम 30,500 और चांदी का रेट 440 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया था।
सराफा व्यापार मंडल के अध्यक्ष देवी प्रसाद सोनी ने बताया कि लक्ष्मी-गणेश के चांदी के सिक्कों की बिक्री 450 रुपये में की जा रही थी, वहीं लक्ष्मी-गणेश के प्रति 10 ग्राम सिक्के 30,500 रुपये मे बेचे गए। दीपावली पूजन के लिए लोगों ने सोने-चांदी के सिक्कों की खरीद की। उन्होंने बताया कि जिले में 270 सराफा की दुकानें रजिस्टर्ड हैं जबकि करीब 250 दुकानें बिना पंजीकरण संचालित हो रही है।
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शुक्रवार को धनतेरस पर सोने-चांदी का करीब एक करोड़ रुपये का व्यवसाय हुआ। शहर के चौक इलाके में बर्तन का व्यवसाय करने वाले शंभू कसौंधन ने बताया कि धनतेरस पर लोगों ने बर्तनों की जमकर खरीदारी की। पिछले साल की अपेक्षा इस बार भी महंगाई का असर दिखा। स्टील के बर्तनों पर महंगाई साफ दिखी। बावजूद इसके बर्तन की दुकानों पर देर शाम तक खरीदारों की भीड़ देखी गई। इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का भी यही हाल रहा। धनतेरस पर टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन समेत अन्य घरेलू वस्तुओं की बाजार में खासी बिक्री दर्ज की गई है। दुपहिया व चार पहिया वाहनों की बिक्री भी बड़े पैमाने पर हुई। दुपहिया वाहन एजेंसी संचालक मिर्जा असगर बेग के मुताबिक शुक्रवार को धनतेरस के मौके पर जिले में करीब दो करोड़ रुपये का व्यवसाय हुआ है।
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धनवंतरि जयंती को लोग धनतेरस के रूप में भी मनाते हैं। इस दिन बर्तन, ज्वेलरी आदि की खरीदारी शुभ मानी जाती है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार खरीदारी तेज रही। महंगाई के बावजूद लोगों ने सोने के आभूषण व कीमती जेवरात खरीदने में दिलचस्पी दिखाई। इस बार सोने का दाम 30,500 और चांदी का रेट 440 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया था।
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सराफा व्यापार मंडल के अध्यक्ष देवी प्रसाद सोनी ने बताया कि लक्ष्मी-गणेश के चांदी के सिक्कों की बिक्री 450 रुपये में की जा रही थी, वहीं लक्ष्मी-गणेश के प्रति 10 ग्राम सिक्के 30,500 रुपये मे बेचे गए। दीपावली पूजन के लिए लोगों ने सोने-चांदी के सिक्कों की खरीद की। उन्होंने बताया कि जिले में 270 सराफा की दुकानें रजिस्टर्ड हैं जबकि करीब 250 दुकानें बिना पंजीकरण संचालित हो रही है।
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शुक्रवार को धनतेरस पर सोने-चांदी का करीब एक करोड़ रुपये का व्यवसाय हुआ। शहर के चौक इलाके में बर्तन का व्यवसाय करने वाले शंभू कसौंधन ने बताया कि धनतेरस पर लोगों ने बर्तनों की जमकर खरीदारी की। पिछले साल की अपेक्षा इस बार भी महंगाई का असर दिखा। स्टील के बर्तनों पर महंगाई साफ दिखी। बावजूद इसके बर्तन की दुकानों पर देर शाम तक खरीदारों की भीड़ देखी गई। इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का भी यही हाल रहा। धनतेरस पर टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन समेत अन्य घरेलू वस्तुओं की बाजार में खासी बिक्री दर्ज की गई है। दुपहिया व चार पहिया वाहनों की बिक्री भी बड़े पैमाने पर हुई। दुपहिया वाहन एजेंसी संचालक मिर्जा असगर बेग के मुताबिक शुक्रवार को धनतेरस के मौके पर जिले में करीब दो करोड़ रुपये का व्यवसाय हुआ है।