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उसकी हरकत सुन आप कहेंगे, दरोगा ने यह क्या कर दिया!
कानपुर/ब्यूरो
Updated Tue, 14 May 2013 04:11 PM IST
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एक दरोगा ने ऐसी फिल्मी हरकत की है जिसके बारे में सुनकर आप भी कह उठेंगे कि दरोगा ने ये क्या कर दिया। काकादेव थाने के एक दरोगा ने मोबाइल गुम होने की शिकायत दर्ज कराने गए एक फरियादी की कलाई में मुहर लगाकर और साइन करके रिसीविंग दे दी। यही नहीं, ज्यादा नेतागीरी न करने की नसीहत देकर दरोगा ने उसे भगा दिया। पीड़ित एसएसपी दफ्तर पहुंचा और लिखित शिकायत की। मामले की जांच एसओ को सौंपी गई है।
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सूत्रों के अऩुसार, सोमवार को गीतानगर निवासी नितिन त्रिपाठी का मोबाइल देवकी चौराहे के पास गुम हो गया। काफी खोजबीन के बाद भी जब मोबाइल नहीं मिला तो वह काकादेव थाना पहुंचे।
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मोबाइल गुम होने का प्रार्थना पत्र लिखकर मुंशी के पास गए। मुंशी और कांस्टेबल ने जब उनकी बात नहीं सुनी तो वह कुर्सी पर बैठे दरोगा अखिलेश मिश्र के पास गए। उन्होंने भी ध्यान नहीं दिया तो फिर मुंशी के पास गए और प्रार्थना पत्र बढ़ा दिया।
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मुंशी ने पढ़ा और बगल में रख लिया। नितिन ने जब उनसे रिसीविंग मांगी तो मुंशी ने कहा,'एक ही कॉपी है, रिसीविंग कहां से दें। जाओ फुर्सत में आना।'
नितिन के अनुसार, वह थाने में ही खड़े रहे तो गुस्से में आए दरोगा अखिलेश मिश्र ने उसे अपने पास बुला लिया और कहने लगे,'समझ में नहीं आ रहा है। कहां रिसीविंग कर दें। क्या हाथ में कर दूं।
यह कहकर दरोगा ने उनका हाथ पकड़ा, कलाई में मुहर मारी और पेन से साइन भी कर दिया और कहा, 'अब जाओ हो गई रिसीविंग'।
दरोगा का यह बर्ताव देख वह हक्का-बक्का रह गए। उधर काकादेव एसओ शीलेश कुमार यादव ने बताया कि इस घटना की जांच के लिए प्रार्थना पत्र आया है। दरोगा अखिलेश मिश्र पर आरोप है।
जांच में पता चला है कि जिस समय नितिन आए थे, उस समय पुलिस वाहन चोर का दाखिला कर रही थी। दूसरी कॉपी कराने की बात कहने पर नितिन ने खुद को सपा नेता बताते हुए दबाव बनाना चाहा तो दरोगा ने झल्लाहट में ऐसा कर दिया। नितिन के मोबाइल गुम होने की रिपोर्ट लिख ली गई है।