फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   sp-bjp is the play henious role in riot

‘सपा-भाजपा की साजिश से हुए दंगे’

Thu, 02 Jan 2014 02:59 PM IST
अमर उजाला, शाहपुर/बुढ़ाना, मुज्जफरनगर
अमर उजाला, शाहपुर/बुढ़ाना, मुज्जफरनगर Updated Thu, 02 Jan 2014 02:59 PM IST
विज्ञापन
sp-bjp is the play henious role in riot

बसपा के विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य और पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने दंगों को सपा और भाजपा की सुनियोजित साजिश करार दिया है।

विज्ञापन


बुधवार को दंगा पीड़ित गांवों में पहुंचे दोनों बसपा नेताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। दोनों ने कहा चार माह बाद भी पीड़ितों के घावों पर मरहम नहीं लग पाया है। उन्होंने राहुल गांधी, मुलायम सिंह और प्रमुख सचिव पर अनर्गल बयानबाजी का आरोप भी लगाया।
विज्ञापन


बसपा नेताओं ने गांव सांझक, शाहपुर, लोई, जौला में दंगा प्रभावित लोगों की पीड़ा सुनीं। काकड़ा में मृतकों के परिवार में पहुंचकर सांत्वना दी। पीड़ितों के बीच नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि दंगा सोची समझी साजिश है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सपा और भाजपा का सुनियोजित षड्यंत्र है। बसपा चार माह से दंगा पीड़ितों से इसलिए नहीं मिली कि राजनीति करने के आरोप लग जाएंगे। अब हद हो गई है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी आतंकवादियों से तार जोड़ रहे हैं तो मुलायम सिंह शिविरों में रहने वालों को कांग्रेस और भाजपा के लोग बता रहे हैं।

प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह एके गुप्ता ने तो संवेदनहीन बयान दे दिया। केंद्र और प्रदेश सरकार ईमानदारी से चाहते तो सभी पीड़ितों को इतने समय में पक्के मकान बनाकर दे सकते थे। ये लोग केवल राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं। बसपा नेता मायावती दंगों को लेकर राज्यपाल और राष्ट्रपति से मिलकर सरकार को बर्खास्त करने की मांग कर चुकी हैं।

सपा शासन में 15 माह में 115 दंगे हो चुके हैं। उन्होंने लोई मेंपूर्व प्रधान एवं इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष राव अब्दुल जब्बार के घेर में पीड़ितों की समस्याएं सुनीं। इससे पहले बसपा नेताओं का काफिला सांझक पहुंचा, जहां शिविर में रह रहे लोगों को 200 कंबल वितरित किए गए।

काकड़ा में मृतक राजबीर और महेंद्र के घर जाकर परिजनों को सांत्वना दी। शाहपुर के राहत शिविर में 400 कंबल बांटे गए। काफिले में प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर, सांसद मुनकाद अली, बिजनौर लोकसभा प्रत्याशी मलूक नागर, सांसद सालिम अंसारी, कादिर राना, राजपाल सैनी, विधायक मौलाना जमील, विधायक नूर सलीम, अनिल कुमार, विधान परिषद सदस्य हाजी इकबाल, हाजी अनवर, कंवर हसन, पूर्व मंत्री योगराज सिंह आदि मौजूद रहे।
 
विरोध भी झेलना पड़ा
शाहपुर। काकड़ा में सांसद कादिर राना के खिलाफ कुछ लोगों ने यह कहते हुए नारेबाजी कर दी कि खालापार की पंचायत के कारण ही झगड़े हुए। यह पंचायत न होती तो दंगे न होते। इस पंचायत के लिए कादिर राना जिम्मेदार हैं। वहीं लोई और जौला में भी कुछ लोगों ने यह कहते हुए हंगामा किया कि बसपा को इतने दिनों बाद पीड़ितों की याद आई।

 
दो बार जाम में फंसा काफिला
शाहपुर। बसपा नेताओं का काफिला दो बार जाम में फंसा। सांझक और हरसौली में आधा घंटे तक काफिला गन्ने की बोगियों के कारण सड़क पर फंस गया। इस कारण कई नेता काफिले से बिछुड़ भी गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed