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Sonebhadra News: शायर रिंद बनारसी को साहित्यकारों ने किया याद
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सोनभद्र। शहीद स्थल प्रबंधन ट्रस्ट करारी के संयोजन में शुक्रवार को शायर रिंद बनारसी की पुण्यतिथि पर रॉबर्ट्सगंज कचहरी परिसर स्थित सोनभद्र बार एसोसिएशन सभागार में कवि गोष्ठी आयोजित हुई। कवि व रचनाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्य अतिथि जगदीश पंथी व वरिष्ठ साहित्यकार रामनाथ शिवेंद्र ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। दिवाकर द्विवेदी मेघ, प्रभात सिंह चंदेल, राकेश शरण मिश्र, जयराम सोनी, कवयित्री कौशल्या चौहान, धर्मेश चौहान, दयानंद दयालू, दिलीप सिंह, दीपक आदि ने रिंद बनारसी के कृतित्व व्यक्तित्व की चर्चा करते हुए उनके ग़ज़लों पर प्रकाश डाला। गीतकार जगदीश पंथी ने कहा कि रिंद साहब की शायरी सीधे दिल में उतर जाती थी।
संयोजन व संचालन कर रहे प्रदुम्न त्रिपाठी ने कविता - रिंद वंशज मेरे पूज्य को है नमन, शब्द सुमनों से मैं कर रहा हूं वंदन... सुनाकर अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की। रामनाथ शिवेंद्र ने कहा कि रिंद साहब का जन्म बनारस जरूर रहा लेकिन कर्म भूमि सोनभद्र रही। पुत्र जुल्फिकार हैदर ने पिता की यादें साझा कीं। इस अवसर पर रिषभ, शिवमोचन, फारुख अली हाशमी, गुलाम हुसैन, ठाकुर कुशवाहा, शिखा, गोपाल आदि रहे।
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मुख्य अतिथि जगदीश पंथी व वरिष्ठ साहित्यकार रामनाथ शिवेंद्र ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। दिवाकर द्विवेदी मेघ, प्रभात सिंह चंदेल, राकेश शरण मिश्र, जयराम सोनी, कवयित्री कौशल्या चौहान, धर्मेश चौहान, दयानंद दयालू, दिलीप सिंह, दीपक आदि ने रिंद बनारसी के कृतित्व व्यक्तित्व की चर्चा करते हुए उनके ग़ज़लों पर प्रकाश डाला। गीतकार जगदीश पंथी ने कहा कि रिंद साहब की शायरी सीधे दिल में उतर जाती थी।
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संयोजन व संचालन कर रहे प्रदुम्न त्रिपाठी ने कविता - रिंद वंशज मेरे पूज्य को है नमन, शब्द सुमनों से मैं कर रहा हूं वंदन... सुनाकर अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की। रामनाथ शिवेंद्र ने कहा कि रिंद साहब का जन्म बनारस जरूर रहा लेकिन कर्म भूमि सोनभद्र रही। पुत्र जुल्फिकार हैदर ने पिता की यादें साझा कीं। इस अवसर पर रिषभ, शिवमोचन, फारुख अली हाशमी, गुलाम हुसैन, ठाकुर कुशवाहा, शिखा, गोपाल आदि रहे।
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