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विश्व हिंदी दिवस : प्रेम करो ऐसे साथी, जैसे दीपक बाती
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एनटीपीसी शक्तिनगर के आवासीय परिसर स्थित संत जोसेफ स्कूल के सौजन्य से विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में काव्य गोष्ठी हुई। रविवार को आयोजित गोष्ठी में कवियों व साहित्यकारों ने हिंदी को राष्ट्र का गौरव बताया।
एनसीएल खड़िया वरिष्ठ प्रबंधक व युवा पाणि पंकज पांडेय ने ‘प्रेम करो तो ऐसे साथी जैसे दीपक बाती...’ कविता सुनाकर आपसी सद्भावना, प्रेम और विश्वबंधुत्व की भावना को बढ़ावा दिया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. राजेश गर्ग, एसोसिएट प्रोफेसर, हिंदी विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने कहा कि हिंदी एक भाषा मात्र ही नहीं है लेकिन हिंदुस्तान का गौरव है। आज हिंदी किसी की मोहताज नहीं है, वह अपना अस्तित्व स्वयं है। प्रख्यात कवि डॉ. योगेंद्र मिश्र ने हिंदी को भाषायी संस्कृति व सांस्कृतिक धरोहर बताया। विशिष्ट अतिथि एनटीपीसी शक्तिनगर के राजभाषा अधिकारी ओमप्रकाश ने कहा कि एनटीपीसी व भारत सरकार आज हिंदी के प्रति अत्यधिक सचेत होकर क्रियाशील है। साथ ही ‘मैं हिंदी हूं’ काव्य पंक्तियों के माध्यम से हिंदी का माहात्म्य रेखांकित किया। संत फ्रांसिस स्कूल, अनपरा के शिक्षक प्रशांत मणि त्रिपाठी ने कहा कि हिंदी भाषा और मनोरंजन व रोजगार का माध्यम मात्र नहीं बल्कि जीवनशैली है। अध्यक्षता कर रहे राजभाषा अधिकारी आदेश पांडेय, वरिष्ठ प्रबंधक एनटीपीसी रामागुंडम ने कहा कि हिंदी त्रिआयामी भूमिका निभाने वाली भाषा है। प्रधानाचार्य फादर आर्चीबाल्ड डिसिल्वा ने कहा कि हिंदी हमारी जीवनशैली का अभिन्न अंग है। हिंदी शिक्षक डॉ. योगेंद्र वीएस तिवारी ने स्वागत किया।
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एनसीएल खड़िया वरिष्ठ प्रबंधक व युवा पाणि पंकज पांडेय ने ‘प्रेम करो तो ऐसे साथी जैसे दीपक बाती...’ कविता सुनाकर आपसी सद्भावना, प्रेम और विश्वबंधुत्व की भावना को बढ़ावा दिया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. राजेश गर्ग, एसोसिएट प्रोफेसर, हिंदी विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने कहा कि हिंदी एक भाषा मात्र ही नहीं है लेकिन हिंदुस्तान का गौरव है। आज हिंदी किसी की मोहताज नहीं है, वह अपना अस्तित्व स्वयं है। प्रख्यात कवि डॉ. योगेंद्र मिश्र ने हिंदी को भाषायी संस्कृति व सांस्कृतिक धरोहर बताया। विशिष्ट अतिथि एनटीपीसी शक्तिनगर के राजभाषा अधिकारी ओमप्रकाश ने कहा कि एनटीपीसी व भारत सरकार आज हिंदी के प्रति अत्यधिक सचेत होकर क्रियाशील है। साथ ही ‘मैं हिंदी हूं’ काव्य पंक्तियों के माध्यम से हिंदी का माहात्म्य रेखांकित किया। संत फ्रांसिस स्कूल, अनपरा के शिक्षक प्रशांत मणि त्रिपाठी ने कहा कि हिंदी भाषा और मनोरंजन व रोजगार का माध्यम मात्र नहीं बल्कि जीवनशैली है। अध्यक्षता कर रहे राजभाषा अधिकारी आदेश पांडेय, वरिष्ठ प्रबंधक एनटीपीसी रामागुंडम ने कहा कि हिंदी त्रिआयामी भूमिका निभाने वाली भाषा है। प्रधानाचार्य फादर आर्चीबाल्ड डिसिल्वा ने कहा कि हिंदी हमारी जीवनशैली का अभिन्न अंग है। हिंदी शिक्षक डॉ. योगेंद्र वीएस तिवारी ने स्वागत किया।
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