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खाते में जाएगा सूखा राहत धन
अमर उजाला ब्यूरो/ सोनभद्र
Updated Sun, 23 Oct 2016 11:43 PM IST
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सूखे से प्रभावित किसानों के लिए राहत भरी खबर है। अब किसानों को सूखा राहत का चेक लेने और भजाने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने सभी किसानों के खाते में सीधे सूखा राहत का धन भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
बतादें कि पूर्व में लेखपाल के माध्यम से किसानों को सूखा राहत का चेक मुहैया कराया जाता था। इसके बाद किसान चेक को लेकर बैंकों का चक्कर काटते थे। कृषि विभाग कार्यालय के अनुसार राबर्ट्सगंज, घोरावल और दुद्धी तहसील क्षेत्र मेें करीब दो लाख किसान हैं।
इन किसानों की आजीविका खेतीबारी पर निर्भर है। पिछले कई वर्षों से सूखे की मार झेल रहे किसानों की हालत बद से बदत्तर हो चुकी है।
शासन ने सूखा राहत कृषि निवेश योजना के तहत वर्ष 2014-15 में सूखे की चपेट मेें आने वाले एक एकड़ के नीचे के किसानों को साढ़े सात सौ तथा एक से दो एकड़ के बीच के किसानों को 15 सौ रुपये मुआवजा चेक के जरिए देने का फरमान जारी किया था। लेकिन चेकों को भंजाने में किसानों को बैंकों का चक्कर काटना पड़ता था।
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इस समस्या से किसानों को छूटकारा दिलाने के लिए अब शासन ने जिला प्रशासन को आरटीजेएस के माध्यम से सीधे किसानों के खाते में सूखा राहत की धनराशि भेजने का निर्देश जारी किया है।
ताकि किसानों को चेक भंजाने की समस्या से छूटकारा मिल सकें। इस संबंध मेें जिलाधिकारी सीबी सिंह का कहना है कि अधिकांश किसानों को आरटीजेएस के माध्यम से उनके खाते में सूखा राहत का मुआवजा राशि भेज दी गई है।
सूखे से प्रभावित जिन किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाया है उन क्षेत्रों के लेखपालों को किसानों के बैंक के पासबुक की फोटो कापी तत्काल तहसील प्रशासन को मुहैया कराने का निर्देश दिया गया है। किसानों का खाता नंबर उपलब्ध कराने में हिलाहवाली करने वाले लेखपालों को लापरवाह मानते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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बतादें कि पूर्व में लेखपाल के माध्यम से किसानों को सूखा राहत का चेक मुहैया कराया जाता था। इसके बाद किसान चेक को लेकर बैंकों का चक्कर काटते थे। कृषि विभाग कार्यालय के अनुसार राबर्ट्सगंज, घोरावल और दुद्धी तहसील क्षेत्र मेें करीब दो लाख किसान हैं।
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इन किसानों की आजीविका खेतीबारी पर निर्भर है। पिछले कई वर्षों से सूखे की मार झेल रहे किसानों की हालत बद से बदत्तर हो चुकी है।
शासन ने सूखा राहत कृषि निवेश योजना के तहत वर्ष 2014-15 में सूखे की चपेट मेें आने वाले एक एकड़ के नीचे के किसानों को साढ़े सात सौ तथा एक से दो एकड़ के बीच के किसानों को 15 सौ रुपये मुआवजा चेक के जरिए देने का फरमान जारी किया था। लेकिन चेकों को भंजाने में किसानों को बैंकों का चक्कर काटना पड़ता था।
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इस समस्या से किसानों को छूटकारा दिलाने के लिए अब शासन ने जिला प्रशासन को आरटीजेएस के माध्यम से सीधे किसानों के खाते में सूखा राहत की धनराशि भेजने का निर्देश जारी किया है।
ताकि किसानों को चेक भंजाने की समस्या से छूटकारा मिल सकें। इस संबंध मेें जिलाधिकारी सीबी सिंह का कहना है कि अधिकांश किसानों को आरटीजेएस के माध्यम से उनके खाते में सूखा राहत का मुआवजा राशि भेज दी गई है।
सूखे से प्रभावित जिन किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाया है उन क्षेत्रों के लेखपालों को किसानों के बैंक के पासबुक की फोटो कापी तत्काल तहसील प्रशासन को मुहैया कराने का निर्देश दिया गया है। किसानों का खाता नंबर उपलब्ध कराने में हिलाहवाली करने वाले लेखपालों को लापरवाह मानते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।