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Sonebhadra News: एक्सप्रेसवे के लिए नहीं छोड़ेंगे अपनी पुश्तैनी जमीन
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घोरावल विधानसभा क्षेत्र के बनौरा गांव में प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे के विरोध में प्रदर्शन
घोरावल विधानसभा क्षेत्र के बनौरा गांव में प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे के विरोध में शुक्रवार को किसानों का आक्रोश खुलकर सामने आया। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले किसानों ने प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पुश्तैनी कृषि भूमि बचाने का संकल्प लिया।
प्रदर्शन का नेतृत्व मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर किसानों की उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। सरकार का दायित्व किसानों के हितों की रक्षा करना है, लेकिन भूमि अधिग्रहण से उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो रहा है।
उन्होंने कहा कि किसान अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे।
किसान बबलू कुमार ने कहा कि जान भले चली जाए, लेकिन पुश्तैनी जमीन नहीं देंगे। एक्सप्रेसवे बनने से किसानों को भारी नुकसान होगा और वे अंतिम दम तक इसका विरोध करेंगे। रुपेश दुबे ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के अधिकारों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि पुश्तैनी जमीन किसानों की सबसे बड़ी पूंजी है और इसकी रक्षा के लिए आंदोलन जारी रहेगा।
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किसान रामसिंह पटेल और पूर्व प्रधान शकील अहमद ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास के साथ किसानों के हितों की भी रक्षा होनी चाहिए।
संदीप मिश्रा ने कहा कि जब तक किसानों की जमीन और अधिकार सुरक्षित नहीं होंगे, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन में बबलू प्रधान, रामसिंह पटेल, पूर्व प्रधान शकील अहमद, सुरेश मौर्य, दिनेश चेरो, आकाश चौहान, विजय चौहान आदि किसान मौजूद रहे।
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प्रदर्शन का नेतृत्व मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर किसानों की उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। सरकार का दायित्व किसानों के हितों की रक्षा करना है, लेकिन भूमि अधिग्रहण से उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो रहा है।
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उन्होंने कहा कि किसान अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे।
किसान बबलू कुमार ने कहा कि जान भले चली जाए, लेकिन पुश्तैनी जमीन नहीं देंगे। एक्सप्रेसवे बनने से किसानों को भारी नुकसान होगा और वे अंतिम दम तक इसका विरोध करेंगे। रुपेश दुबे ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के अधिकारों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि पुश्तैनी जमीन किसानों की सबसे बड़ी पूंजी है और इसकी रक्षा के लिए आंदोलन जारी रहेगा।
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किसान रामसिंह पटेल और पूर्व प्रधान शकील अहमद ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास के साथ किसानों के हितों की भी रक्षा होनी चाहिए।
संदीप मिश्रा ने कहा कि जब तक किसानों की जमीन और अधिकार सुरक्षित नहीं होंगे, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन में बबलू प्रधान, रामसिंह पटेल, पूर्व प्रधान शकील अहमद, सुरेश मौर्य, दिनेश चेरो, आकाश चौहान, विजय चौहान आदि किसान मौजूद रहे।