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सोनभद्र को सूखाग्रस्त घोषित करने को लेकर आवाज हुई बुलंद
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कलेक्ट्रेट में सोमवार को भारतीय किसान संघ काशी प्रांत का एक प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को संबोधित छह सूत्री ज्ञापन कार्यालय में सौंपा। प्रतिनिधि मंडल ने ज्ञापन के माध्यम से जिले को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने की मांग की गई।
नेतृत्व कर रहे जिलाध्यक्ष रामबहादुर सिंह ने बताया कि पिछले दिनों में पत्र देकर जिले को सूखा घोषित करने की मांग की गई थी। इस पर जिला प्रशासन ने कोई अमल नहीं किया। कहा कि इस वर्ष जिले में सामान्य से भी काफी कम बारिश हुई है। इसके बाद भी जिले को सूखा घोषित नहीं किया गया। वहीं विद्युत आपूर्ति भी ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी तरह से बाधित चल रही हैं। विद्युत तारों एवं खंभों की स्थिति बहुत ही होती बनती जा रही है। किसी तरह कुछ किसान खेती की तैयारी कर रहे हैं तो सभी समितियों पर खाद की उपलब्धता कम है। मिर्च व टमाटर की खेती करने वाले किसान उर्वरक के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। समितियों पर खाद की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में कराई जाने की मांग की। जिले को सूखा घोषित करते हुए राहत की योजनाएं जिले में चलाई जाए। किसानों का विद्युत कनेक्शन बकाए की स्थिति में ना काटे जाने तथा सोन लिफ्ट को पूरी क्षमता से चलाए जाने की मांग की गई। इस मौके पर प्रभु पाल सिंह, रामजी सिंह, आनंद मौर्य, ज्योतिचंद सिंह, योगेंद्र प्रताप सिंह, चंद्रप्रकाश सिंह आदि मौजूद रहे।
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नेतृत्व कर रहे जिलाध्यक्ष रामबहादुर सिंह ने बताया कि पिछले दिनों में पत्र देकर जिले को सूखा घोषित करने की मांग की गई थी। इस पर जिला प्रशासन ने कोई अमल नहीं किया। कहा कि इस वर्ष जिले में सामान्य से भी काफी कम बारिश हुई है। इसके बाद भी जिले को सूखा घोषित नहीं किया गया। वहीं विद्युत आपूर्ति भी ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी तरह से बाधित चल रही हैं। विद्युत तारों एवं खंभों की स्थिति बहुत ही होती बनती जा रही है। किसी तरह कुछ किसान खेती की तैयारी कर रहे हैं तो सभी समितियों पर खाद की उपलब्धता कम है। मिर्च व टमाटर की खेती करने वाले किसान उर्वरक के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। समितियों पर खाद की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में कराई जाने की मांग की। जिले को सूखा घोषित करते हुए राहत की योजनाएं जिले में चलाई जाए। किसानों का विद्युत कनेक्शन बकाए की स्थिति में ना काटे जाने तथा सोन लिफ्ट को पूरी क्षमता से चलाए जाने की मांग की गई। इस मौके पर प्रभु पाल सिंह, रामजी सिंह, आनंद मौर्य, ज्योतिचंद सिंह, योगेंद्र प्रताप सिंह, चंद्रप्रकाश सिंह आदि मौजूद रहे।
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