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ग्रामीणों ने श्रमदान कर बनाया डेढ़ सौ मीटर सड़क
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कोन। चोपन ब्लॉक के कचनरवा ग्राम पंचायत के पनडुबिया टोला के लोगों ने जन प्रतिनिधियों, प्रशासन की उपेक्षा का जवाब श्रमदान कर दिया है। वर्षों से महज डेढ़ सौ मीटर बनवाने की मांग कर रहे ग्रामीणों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर खुद सड़क बना लिया। उनकी न तो प्रधान ने सुनी और न किसी अन्य ने। इस पर खुद की सहूलियत के लिए ग्रामीणों ने श्रमदान किया और सड़क बनाकर अपनी मंशा जता दिया।
ग्रामीणों ने गांव के रामअवध गुप्ता के अगुवाई में सड़क बनाया। गुप्ता ने बताया कि ग्रामीण वर्षों से सड़क की परेशानी झेल रहे हैं। उन्हें टोले व घर आने जाने के लिए कोई रास्ता नहीं था। सड़क बनवाने के लिए कई बार प्रधान, सचिव से गुहार लगाई गई। बारिश के दिनों में खेत की क्यारी से होकर घर जाना पड़ता था। जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों ने आपस में चंदा लगाकर सड़क बनवाने का निर्णय लिया। फिर अपने खर्चे से व श्रमदान कर अपने खेतों में लगी हरी गेहूं की फसल को नष्ट कर ग्रामीणों ने करीब डेढ सौ मीटर सड़क मिट्टी डालकर बना दिया। इस सड़क से करीब 15-20 घर परिवारों को लाभ मिलेगा। ग्रामीण देवनारायण गुप्ता ने बताया कि सड़क नहीं होने से मेहमान तक हम लोगों के यहां आने में कतराते थे। राम अवध गुप्ता ने कहा कि सड़क बनवाने के लिए कई बार गुहार लगाई जा चुकी थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। रामवृक्ष गुप्ता ने बताया कि सड़क न होने से क्षेत्र का विकास प्रभावित था। उधर ग्राम प्रधान उदय यादव ने बताया कि सड़क बनाने की मांग ग्रामीणों ने की थी। उसे प्रस्ताव में शामिल कर स्टीमेट भी बन गया है। लेकिन मंगलवार को सूचना मिली कि ग्रामीण श्रमदान कर सड़क बना रहे हैं।
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ग्रामीणों ने गांव के रामअवध गुप्ता के अगुवाई में सड़क बनाया। गुप्ता ने बताया कि ग्रामीण वर्षों से सड़क की परेशानी झेल रहे हैं। उन्हें टोले व घर आने जाने के लिए कोई रास्ता नहीं था। सड़क बनवाने के लिए कई बार प्रधान, सचिव से गुहार लगाई गई। बारिश के दिनों में खेत की क्यारी से होकर घर जाना पड़ता था। जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों ने आपस में चंदा लगाकर सड़क बनवाने का निर्णय लिया। फिर अपने खर्चे से व श्रमदान कर अपने खेतों में लगी हरी गेहूं की फसल को नष्ट कर ग्रामीणों ने करीब डेढ सौ मीटर सड़क मिट्टी डालकर बना दिया। इस सड़क से करीब 15-20 घर परिवारों को लाभ मिलेगा। ग्रामीण देवनारायण गुप्ता ने बताया कि सड़क नहीं होने से मेहमान तक हम लोगों के यहां आने में कतराते थे। राम अवध गुप्ता ने कहा कि सड़क बनवाने के लिए कई बार गुहार लगाई जा चुकी थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। रामवृक्ष गुप्ता ने बताया कि सड़क न होने से क्षेत्र का विकास प्रभावित था। उधर ग्राम प्रधान उदय यादव ने बताया कि सड़क बनाने की मांग ग्रामीणों ने की थी। उसे प्रस्ताव में शामिल कर स्टीमेट भी बन गया है। लेकिन मंगलवार को सूचना मिली कि ग्रामीण श्रमदान कर सड़क बना रहे हैं।
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