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जनजातीय संग्रहालय को मिला बजट, जल्द शुरू होगा निर्माण
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सोनभद्र में जनजातीय संग्रहालय के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। प्रदेश सरकार के बजट में संग्रहालय के लिए विशेष प्रावधान किए जाने से आदिवासी वर्ग के लोग उत्साहित हैं। उन्हें अब शीघ्र संग्रहालय का निर्माण शुरू होने की उम्मीद जगी है। आदिवासी नायक बिरसा मुंडा के नाम पर बनने वाले संग्रहालय से जिले की जनजातीय सभ्यता को संरक्षण और प्रोत्साहन मिलेगा।
सोनभद्र प्रदेश का सर्वाधिक जनजातीय आबादी वाला जिला है। यहां करीब 22 फीसदी अनुसूचित जनजाति के लोग हैं। सूबे में जनजाति के लिए आरक्षित दोनों विधानसभा सीटें भी यहीं है। दशकों से जंगलों और पहाड़ों के किनारे रहकर जीवन व्यतीत कर रहे आदिवासी परिवारों की सभ्यता, संस्कृति के संरक्षण व विकास के लिए अरसे से संग्रहालय निर्माण की मांग उठती रही है। विभिन्न मंचों पर जनप्रतिनिधियों ने इसका वादा भी किया था। विधानसभा चुनाव के दौरान जिले में आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मिर्जापुर-सोनभद्र की सीमावर्ती इलाके में जगह की उपलब्धता के आधार पर जनजातीय संग्रहालय निर्माण का जिक्र किया था। चुनाव के बाद प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने मारकुंडी में बंधी के समीप जमीन चिह्नित कर संस्कृति विभाग को प्रस्ताव प्रेषित किया था। अब बजट में इसके लिए धन का भी प्रावधान किया है। सरकार ने प्रदेश में जनजातीय संग्रहालयों की स्थापना के लिए 60 करोड़ रुपये खर्च करने का उल्लेख किया है। माना जा रहा है कि इसमें से बड़ी धनराशि सोनभद्र में बनने वाले संग्रहालय पर भी खर्च होगी। बजट मिलने के बाद अब इसके शीघ्र निर्माण की भी उम्मीद जताई जा रही है।
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सोनभद्र प्रदेश का सर्वाधिक जनजातीय आबादी वाला जिला है। यहां करीब 22 फीसदी अनुसूचित जनजाति के लोग हैं। सूबे में जनजाति के लिए आरक्षित दोनों विधानसभा सीटें भी यहीं है। दशकों से जंगलों और पहाड़ों के किनारे रहकर जीवन व्यतीत कर रहे आदिवासी परिवारों की सभ्यता, संस्कृति के संरक्षण व विकास के लिए अरसे से संग्रहालय निर्माण की मांग उठती रही है। विभिन्न मंचों पर जनप्रतिनिधियों ने इसका वादा भी किया था। विधानसभा चुनाव के दौरान जिले में आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मिर्जापुर-सोनभद्र की सीमावर्ती इलाके में जगह की उपलब्धता के आधार पर जनजातीय संग्रहालय निर्माण का जिक्र किया था। चुनाव के बाद प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने मारकुंडी में बंधी के समीप जमीन चिह्नित कर संस्कृति विभाग को प्रस्ताव प्रेषित किया था। अब बजट में इसके लिए धन का भी प्रावधान किया है। सरकार ने प्रदेश में जनजातीय संग्रहालयों की स्थापना के लिए 60 करोड़ रुपये खर्च करने का उल्लेख किया है। माना जा रहा है कि इसमें से बड़ी धनराशि सोनभद्र में बनने वाले संग्रहालय पर भी खर्च होगी। बजट मिलने के बाद अब इसके शीघ्र निर्माण की भी उम्मीद जताई जा रही है।
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