सदर विकासखंड के लोढ़ी गांव स्थित एक होटल में शुक्रवार की रात गोष्ठी में निजी डॉक्टरों ने स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने पर चर्चा की। असहाय मरीजों की नि:स्वार्थ सेवा का संकल्प दोहराया। डॉ. केएन पांडेय, डॉ. पीयूष श्रीवास्तव, डॉ. जेएन सिंह ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वक्ताओं ने कहा कि चिकित्सकों का आपसी सामंजस्य, संवेदनशीलता, जवाबदेही, रोगी को उचित परामर्श और उसकी देखभाल का चिकित्सा के क्षेत्र में विशेष महत्व है। रोगी के साथ चिकित्सकों का सही व्यवहार और उपचार ही चिकित्सकीय नैतिकता है।
चिकित्सा के पेशे में संचार का बहुत महत्व है। चिकित्सक को हर पल रोगी के स्वास्थ्य को लेकर फिक्रमंद होना चाहिए। असहाय मरीज का पूर्ण सहयोग कर नि:स्वार्थ भाव से उनका उपचार करें। चिकित्सक के लिए मरीज ही सर्वोपरि होता है लिहाजा हमें उसकी भलाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। जूनियर चिकित्सकों, नर्सेज और पैरामेडिकल कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे अपने शालीन व्यवहार और वाणी से न केवल मरीज का दिल जीत सकते हैं बल्कि समाज के सामने सेवाभाव का उदाहरण भी पेश कर सकते हैं। डॉ. डीके पांडेय, नीरज मिश्रा, संजय पटेल, रामराज, राकेश पांडेय, कांता सिंह, केपी पटेल, एस एन दूबे, केएन सिंह, एमपी पाठक, गौरव सिंह, आरडी चतुर्वेदी, अरुण चौबे, यूके मौर्या, आरबी प्रजापति आदि मौजूद रहे।