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तीन दिन बाद ढहा देंगे मकानसंवाददाता
संवाददाता, साोनभ्ाद्र
Updated Mon, 21 Dec 2015 11:27 PM IST
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कस्बा में वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग के किनारे बने मकान तीन दिन बाद ढहा दिए जाएंगे। सोमवार को एसडीएम सदर हर्षदेव पांडेय की अगुवाई में पीएसी जवानों ने यहां मार्च किया और एनाउंस कर तीन दिन के अंदर घर खाली करने की चेतावनी दी। इससे हड़कंप की स्थिति है। उधर कस्बे के लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन और सड़क चौड़ा कराने वाली चेतक कंपनी ने कोई मुआवजा नहीं दिया है।
चेतक कंपनी वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग के चौड़ा करने का कार्य करा रही है। तमाम जगहों पर चौड़ा करने का कार्य हो चुका है तो कई जगहों पर अभी कार्य होना है। सलखन में भी चौड़ा करने का कार्य नहीं हो सका है। यहां सड़क के किनारे स्थित लोगों के मकान की वजह से अब तक कार्य नहीं शुरू हो सका है।
प्रशासन इन मकानों को अतिक्रमण की श्रेणी में मान रहा है जबकि मकान मालिक मुआवजा की मांग कर रहे हैं। सोमवार को एसडीएम हर्षदेव पांडेय, तहसीलदार योगेंद्र सिंह, थानाध्यक्ष चोपन रविंद्र भूषण मौर्य, पीडब्ल्यूडी से जुड़े केके श्रीवास्तव और रमाशंकर आदि एक प्लाटून पीएसी के साथ सलखन पहुंचे।
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यहां अधिकारियों ने फोर्स के साथ पैदल मार्च किया और एनाउंस कर लोगों को चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के अंदर अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो भवन आदि ढहा दिए जाएंगे। यहां रहने वाले माता प्रसाद, डा. आनंद कुमार सहगल, स्वप्न कुमार, राधेश्याम, श्रीकांत, रामलोचन, पप्पू खां, छोटेलाल, दशरथ आदि का कहना था कि प्रशासन और चेतक कंपनी की ओर से अब तक उन्हें कोई मुआवजा नहीं दिया गया है।
वर्षों से वे यहां घर बनाकर रह रहे हैं। ऐसे में उन्हें मुआवजा नहीं मिला तो वे सड़क पर आ जाएंगे। उन्होंने मुआवजा देने की मांग की है।
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चेतक कंपनी वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग के चौड़ा करने का कार्य करा रही है। तमाम जगहों पर चौड़ा करने का कार्य हो चुका है तो कई जगहों पर अभी कार्य होना है। सलखन में भी चौड़ा करने का कार्य नहीं हो सका है। यहां सड़क के किनारे स्थित लोगों के मकान की वजह से अब तक कार्य नहीं शुरू हो सका है।
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प्रशासन इन मकानों को अतिक्रमण की श्रेणी में मान रहा है जबकि मकान मालिक मुआवजा की मांग कर रहे हैं। सोमवार को एसडीएम हर्षदेव पांडेय, तहसीलदार योगेंद्र सिंह, थानाध्यक्ष चोपन रविंद्र भूषण मौर्य, पीडब्ल्यूडी से जुड़े केके श्रीवास्तव और रमाशंकर आदि एक प्लाटून पीएसी के साथ सलखन पहुंचे।
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यहां अधिकारियों ने फोर्स के साथ पैदल मार्च किया और एनाउंस कर लोगों को चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के अंदर अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो भवन आदि ढहा दिए जाएंगे। यहां रहने वाले माता प्रसाद, डा. आनंद कुमार सहगल, स्वप्न कुमार, राधेश्याम, श्रीकांत, रामलोचन, पप्पू खां, छोटेलाल, दशरथ आदि का कहना था कि प्रशासन और चेतक कंपनी की ओर से अब तक उन्हें कोई मुआवजा नहीं दिया गया है।
वर्षों से वे यहां घर बनाकर रह रहे हैं। ऐसे में उन्हें मुआवजा नहीं मिला तो वे सड़क पर आ जाएंगे। उन्होंने मुआवजा देने की मांग की है।