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इस बार भी गर्मी में पानी के लिए फिर तरसेंगे नगरवासी
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इस वित्तीय वर्ष में भी राबर्ट्सगंज पुनर्गठन पेयजल योजना का काम पूरा होते नहीं दिख रहा है। इस नाते नगरवासियों को पेयजल के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। विभागीय अधिकारी पहले मार्च तक परियोजना की टेस्टिंग शुरू करने का दावा कर रहे थे, लेकिन अभी पाइप लाइन बिछाए जाने सहित अन्य कार्य पूरा नहीं हो सका है। परियोजना पूरी होने में अभी दो माह का वक्त लगेगा।
नगर पालिका परिषद सोनभद्र की करीब 50 हजार आबादी को पेयजल मुहैया कराने के लिए 96.01 करोड़ की लागत से पुनर्गठन पेयजल योजना पर काम चल रहा है। धंधरौल बांध से सीपेज हो रहे पानी को उठाकर नगरवासियों में आपूर्ति कराने की योजना है। वर्षों से चल रहे इस परियोजना का काम अब भी पूरा नहीं हो सका है। पहले इस योजना का काम जल निगम की ग्रामीण इकाई करा रहा था। इस परियोजना के टेस्टिंग का काम पिछले वर्ष सितंबर माह में ही शुरू किया जाना था, लेकिन उसी बीच विभागों में काम का बंटवारा हो गया। बंटवारे में यह परियोजना जल निगम निर्माण इकाई मिर्जापुर (शहरी) इकाई के हिस्से में चली गई। विभागीय अधिकारियों ने मार्च तक पेयजल परियोजना का काम पूरा करके टेस्टिंग शुरू करने का दांवा किया था। लेकिन टेस्टिंग शुरू करने को कौन कहे अभी तक परियोजना का काम ही शत प्रतिशत पूरा नहीं हो सका है। परियोजना का काम कराने में अभी कम से कम दो महीने का समय लगेगा। मई माह के आखिरी सप्ताह में इस परियोजना के शुरू होने की उम्मीद की जा रही है। इसके बाद ही नगरवासियों को पेयजल मुहैया हो सकेगी।
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नगर पालिका परिषद सोनभद्र की करीब 50 हजार आबादी को पेयजल मुहैया कराने के लिए 96.01 करोड़ की लागत से पुनर्गठन पेयजल योजना पर काम चल रहा है। धंधरौल बांध से सीपेज हो रहे पानी को उठाकर नगरवासियों में आपूर्ति कराने की योजना है। वर्षों से चल रहे इस परियोजना का काम अब भी पूरा नहीं हो सका है। पहले इस योजना का काम जल निगम की ग्रामीण इकाई करा रहा था। इस परियोजना के टेस्टिंग का काम पिछले वर्ष सितंबर माह में ही शुरू किया जाना था, लेकिन उसी बीच विभागों में काम का बंटवारा हो गया। बंटवारे में यह परियोजना जल निगम निर्माण इकाई मिर्जापुर (शहरी) इकाई के हिस्से में चली गई। विभागीय अधिकारियों ने मार्च तक पेयजल परियोजना का काम पूरा करके टेस्टिंग शुरू करने का दांवा किया था। लेकिन टेस्टिंग शुरू करने को कौन कहे अभी तक परियोजना का काम ही शत प्रतिशत पूरा नहीं हो सका है। परियोजना का काम कराने में अभी कम से कम दो महीने का समय लगेगा। मई माह के आखिरी सप्ताह में इस परियोजना के शुरू होने की उम्मीद की जा रही है। इसके बाद ही नगरवासियों को पेयजल मुहैया हो सकेगी।
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