{"_id":"628fc18b0372f54a6f7d6022","slug":"there-will-be-a-three-layer-security-wall-to-stop-the-flow-of-ob-will-cost-16-crores-sonbhadra-news-vns6556649107","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओबी के बहाव रोकने के लिए होगी तीन परत सुरक्षा दीवार, खर्च होंगे 16 करोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओबी के बहाव रोकने के लिए होगी तीन परत सुरक्षा दीवार, खर्च होंगे 16 करोड़
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाके में आबाद कोयला खदानों से उत्सर्जित अधिभार का बहाव रोकने के लिए एनसीएल ने तीन परत सुरक्षा दीवार बनाने का कार्य तेज कर दिया है। थ्री लेयर प्रोटेक्शन वाल का निर्माण ओबी बहाव से अब तक सबसे ज्यादा प्रभावित रही दुद्धीचुआ खदान के बाहरी क्षेत्र में शुरू कराया गया है। बरसाती पानी संग कई सालों से फिसल रही ओबी रहवासी क्षेत्रों को प्रभावित करने के साथ कोयला आपूर्ति को बाधित किया है।
बीते साल ओबी संग बारिश के पानी के दबाव से रेल ट्रैक बह गया था। इसके चलते कई क्षेत्रों का कोल प्रेषण लंबे वक्त तक रुका रहा। इसी के मद्देनजर एनसीएल ने ओबी बहाव को रोकने के लिए वृहद स्तर पर मानसून प्रोटेक्शन प्लान तैयार किया है। इस योजना पर करीब 16 करोड़ खर्च होंगे। वहीं यूपी व एमपी के सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित कोयला खदानों में सुरक्षा के लिए राशि स्वीकृत की गई है। एनसीएल दुद्धीचुआ के अभियंता कुलवंत सिंह ने बताया कि योजना के मुताबिक मानसून से खदान को बचाने व निर्बाध कोयला उत्पादन व प्रेषण के लिए बनाई गई योजनाओं पर कार्य तेज हैं। कई स्थानों पर निर्माण कार्य अंतिम चरण में है
रेल ट्रैक की सुरक्षा पर ध्यान
देश के पावर प्रोजेक्टों को बरसाती मौसम में निर्बाध कोयला प्रेषण के लिए रेल ट्रैक को सुरक्षित रखने के लिए कई कार्य कराए जा रहे हैं। बीते साल शक्तिनगर रेलवे स्टेशन से एनसीएल की कोल लोडिंग प्वाइंट्स को जोड़ने वाला रेल पथ का बड़ा हिस्सा आंबेडकर नगर के पास बह गया था। घटना अत्यधिक बारिश के साथ खदान क्षेत्र से आए ओबी के मलबे के दबाव के चलते हुई थी। मानसून को देखते हुए कई योजनाएं बनाई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीते साल ओबी संग बारिश के पानी के दबाव से रेल ट्रैक बह गया था। इसके चलते कई क्षेत्रों का कोल प्रेषण लंबे वक्त तक रुका रहा। इसी के मद्देनजर एनसीएल ने ओबी बहाव को रोकने के लिए वृहद स्तर पर मानसून प्रोटेक्शन प्लान तैयार किया है। इस योजना पर करीब 16 करोड़ खर्च होंगे। वहीं यूपी व एमपी के सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित कोयला खदानों में सुरक्षा के लिए राशि स्वीकृत की गई है। एनसीएल दुद्धीचुआ के अभियंता कुलवंत सिंह ने बताया कि योजना के मुताबिक मानसून से खदान को बचाने व निर्बाध कोयला उत्पादन व प्रेषण के लिए बनाई गई योजनाओं पर कार्य तेज हैं। कई स्थानों पर निर्माण कार्य अंतिम चरण में है
विज्ञापन
रेल ट्रैक की सुरक्षा पर ध्यान
देश के पावर प्रोजेक्टों को बरसाती मौसम में निर्बाध कोयला प्रेषण के लिए रेल ट्रैक को सुरक्षित रखने के लिए कई कार्य कराए जा रहे हैं। बीते साल शक्तिनगर रेलवे स्टेशन से एनसीएल की कोल लोडिंग प्वाइंट्स को जोड़ने वाला रेल पथ का बड़ा हिस्सा आंबेडकर नगर के पास बह गया था। घटना अत्यधिक बारिश के साथ खदान क्षेत्र से आए ओबी के मलबे के दबाव के चलते हुई थी। मानसून को देखते हुए कई योजनाएं बनाई गई है।
विज्ञापन