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स्थिर रहने के बाद फिर बढ़ने लगा रिहंद का जलस्तर
ब्यूररो,अमर उजाला/सोनभद्र
Updated Mon, 22 Aug 2016 11:31 PM IST
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रिहंद डैम के खोले गए गेटों से रिहंद की दिवार से होते हुए रेणु नदी में गिरते पानी का मनमोहक दृश्य।
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एशिया के विशालतम जलाशयों में एक रिहंद डैम में अभी भी पानी का जलस्तर अधिकतम से अधिक बना हुआ है। इसके चलते लगातार चौथे दिन बांध के तेरह में से नौ गेट खुले रखकर लगातार 75 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने का क्रम जारी रहा। प्रति घंटे एक इंच की गिरावट के चलते, सोमवार की दोपहर जलस्तर खतरे के निशान 871 फीट से घटकर 870.6 फीट पर आ गया, लेकिन दोपहर बाद बारिश के चलते, फिर से बांध में पानी तेजी से आना शुरू हो गया।
इसके चलते जलस्तर गिरावट थम गई है। इसको देखते हुए जलस्तर 870 फीट से नीचे आने के बाद ही खुले गेटों को बंद करने का निर्णय लिया गया है। उधर, ओबरा डैम से छह गेट खोलकर अस्सी हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते अभी भी सोन नदी का पानी दोनों किनारों को पकड़े हुए है।
अधिकतम जलस्तर 870 फीट पार करने के बाद शुक्रवार की सुबह एक फाटक खोला गया। पानी का बढ़ाव जारी रहने के बाद शाम छह बजते-बजते नौ गेट खोल दिए गए। तब से लेकर अब तक नौ गेटों से लगातार रेणु नदी में पानी बहाया जाना जारी है।
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सोमवार दोपहर एक बजे तक जलस्तर घटकर 870.6 फीट पर आ गया लेकिन सोमवार को फिर से बारिश का सिलसिला शुरू होने से दोपहर बाद जलस्तर का घटाव रूक गया। अधीक्षण अभियंता जल विद्युत शैलेष सिंह ने बताया कि लगातार बांध के जलस्तर निगरानी रखी जा रही है। सोमवार को दोपहर तक जलस्तर में अच्छी गिरावट भी आई।
उम्मीद थी कि देर रात तक जलस्तर को अधिकतम से नीचे कर लिया जाएगा, लेकिन फिर से बारिश के चलते गिरावट थम गई। बताया कि ओबरा डैम का भी जलस्तर खतरे के निशान 192 मीटर के इर्द-गिर्द बना हुआ है।
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इसके चलते जलस्तर गिरावट थम गई है। इसको देखते हुए जलस्तर 870 फीट से नीचे आने के बाद ही खुले गेटों को बंद करने का निर्णय लिया गया है। उधर, ओबरा डैम से छह गेट खोलकर अस्सी हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते अभी भी सोन नदी का पानी दोनों किनारों को पकड़े हुए है।
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अधिकतम जलस्तर 870 फीट पार करने के बाद शुक्रवार की सुबह एक फाटक खोला गया। पानी का बढ़ाव जारी रहने के बाद शाम छह बजते-बजते नौ गेट खोल दिए गए। तब से लेकर अब तक नौ गेटों से लगातार रेणु नदी में पानी बहाया जाना जारी है।
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सोमवार दोपहर एक बजे तक जलस्तर घटकर 870.6 फीट पर आ गया लेकिन सोमवार को फिर से बारिश का सिलसिला शुरू होने से दोपहर बाद जलस्तर का घटाव रूक गया। अधीक्षण अभियंता जल विद्युत शैलेष सिंह ने बताया कि लगातार बांध के जलस्तर निगरानी रखी जा रही है। सोमवार को दोपहर तक जलस्तर में अच्छी गिरावट भी आई।
उम्मीद थी कि देर रात तक जलस्तर को अधिकतम से नीचे कर लिया जाएगा, लेकिन फिर से बारिश के चलते गिरावट थम गई। बताया कि ओबरा डैम का भी जलस्तर खतरे के निशान 192 मीटर के इर्द-गिर्द बना हुआ है।