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स्याही के अभाव में नहीं बदले गए पुराने नोट
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र
Updated Sat, 19 Nov 2016 10:18 PM IST
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राबर्ट्सगंज में शनिवार को स्टेट बैंक में कतार में लगे लोग।
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केंद्र सरकार के फैसले के बाद शनिवार को बैंकों पर नोट बदलने के लिए सीनियर सिटीजन पहुंचे। उनकी भी लंबी कतार लगी लेकिन स्याही न आने के नाते वे नोट नहीं बदल सके। आखिरकार उन्हें चेक से ही भुगतान किया गया। उधर एटीएम पर धन निकासी के लिए शनिवार को भी लंबी कतार लगी रही। फिर भी इस दिन महज 20 करोड़ रुपये की ही निकासी हो सकी। जमा आम दिनों की तरह ही हुआ।
पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट का प्रचलन बंद होने के बाद लोगों में अफरातफरी की स्थिति अब तक बनी हुई है। फुटकर रुपयों के लिए लोग अब भी परेशान हैं। दो हजार रुपये निकलने के बावजूद लोग इस बात को लेकर परेशान हैं कि आखिरकार फुटकर कैसे मिलेगा और सामानों की खरीद कैसे हो सकेगी। केंद्र सरकार के फैसले के बाद शनिवार को बैंकों पर सीनियर सिटीजन रुपये निकालने और नोटों को बदलने के लिए पहुंचे लेकिन उन्हें भी काफी निराशा हुई। सुबह दस बजे से एसबीआई, इलाहाबाद बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी, यूनियन बैंक समेत अन्य बैंकों पर वरिष्ठ नागरिक नोट बदलने के लिए पहुंचे लेकिन बैंकों में पहले से ही यह घोषणा कर दी गई कि स्याही न आने के नाते नोट नहीं बदल सकेंगे। इस पर लोगों ने पहले अपने खाते में पैसे जमा किये और फिर निकासी की। इससे वरिष्ठ नागरिकों को परेेेशानी झेलनी पड़ी। उधर बैंकों के एटीएम पर धन निकासी के लिए भीड़ इकट्ठा हुई। तमाम बैंकों में कम रुपये होने के नाते ज्यादा देर तक एटीएम नहीं खुले रह सके। लीड बैंक प्रबंधक करूणेश कुलश्रेष्ठ ने बताया कि शनिवार को महज 20 करोड़ रुपये तक की ही निकासी हो सकी है। जमा आम दिनों जैसे हुआ। कहा कि सोमवार तक बैंकों में काफी धन आ जाएगा।
पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट का प्रचलन बंद होने के बाद लोगों में अफरातफरी की स्थिति अब तक बनी हुई है। फुटकर रुपयों के लिए लोग अब भी परेशान हैं। दो हजार रुपये निकलने के बावजूद लोग इस बात को लेकर परेशान हैं कि आखिरकार फुटकर कैसे मिलेगा और सामानों की खरीद कैसे हो सकेगी। केंद्र सरकार के फैसले के बाद शनिवार को बैंकों पर सीनियर सिटीजन रुपये निकालने और नोटों को बदलने के लिए पहुंचे लेकिन उन्हें भी काफी निराशा हुई। सुबह दस बजे से एसबीआई, इलाहाबाद बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी, यूनियन बैंक समेत अन्य बैंकों पर वरिष्ठ नागरिक नोट बदलने के लिए पहुंचे लेकिन बैंकों में पहले से ही यह घोषणा कर दी गई कि स्याही न आने के नाते नोट नहीं बदल सकेंगे। इस पर लोगों ने पहले अपने खाते में पैसे जमा किये और फिर निकासी की। इससे वरिष्ठ नागरिकों को परेेेशानी झेलनी पड़ी। उधर बैंकों के एटीएम पर धन निकासी के लिए भीड़ इकट्ठा हुई। तमाम बैंकों में कम रुपये होने के नाते ज्यादा देर तक एटीएम नहीं खुले रह सके। लीड बैंक प्रबंधक करूणेश कुलश्रेष्ठ ने बताया कि शनिवार को महज 20 करोड़ रुपये तक की ही निकासी हो सकी है। जमा आम दिनों जैसे हुआ। कहा कि सोमवार तक बैंकों में काफी धन आ जाएगा।
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