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Sonebhadra News: 24 घंटे से खुला है रिहंद बांध का गेट, फिर भी कम नहीं हुआ जलस्तर

Wed, 30 Jul 2025 12:34 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 30 Jul 2025 12:34 AM IST
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The gate of Rihand Dam has been open for 24 hours, yet the water level has not decreased
रेणुकूट, सोनभद्र। पिपरी स्थित रिहंद बांध के गेट मंगलवार को भी खुले रहे। लगातार 24 घंटे से बांध का एक गेट आठ फीट खोलकर पानी निकाला जा रहा है, बावजूद जलस्तर में कमी नहीं आ रही। मंगलवार को भी बांध का जलस्तर लगातार 868.1 पर ही बना रहा। जल विद्युत इकाइयों को भी पूरी क्षमता से चलाया जा रहा है।
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कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही बारिश का पानी बांध में आ रहा है। इसके जलस्तर में वृद्धि हो रही है। सिंचाई विभाग की ओर से सोमवार की सुबह 11.15 बजे बांध का गेट नंबर 7 खोला गया था। शुरुआत में यह गेट 5 फीट तक खोला गया, जिसे दोपहर करीब 3 बजे बढ़ाकर 8 फीट कर दिया गया। इसके बावजूद जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। सोमवार को जलस्तर 868.1 फीट पहुंचने पर बांध के फाटक खोले गए थे। बीते 24 घंटे से लगातार गेट खुला होने के बावजूद पानी की आमद इतनी तेज है कि जलस्तर में कमी नहीं हो रही है। बांध का जलस्तर लगातार 868.1 पर ही बना हुआ है। जलप्रबंधन विभाग हालात पर नजर बनाए हुए है। अगर जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो जल्द ही अतिरिक्त गेट भी खोले जा सकते हैं। वहीं डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों के लिए सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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कोट
बांध का गेट 8 फीट तक खोलकर लगातार पानी निकाला जा रहा है। इसके अलावा छह टरबाइन भी चल रही हैं। टरबाइन और गेट को मिलाकर लगभग 20 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज की जा रही है। इसके बावजूद बांध का जलस्तर 868.1 पर ही बना हुआ है।
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राजेश कुमार शर्मा, अधिशासी अभियंता,सिंचाई विभाग
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इनसेट
औद्योगिक इकाइयों का प्राण है रिहंद बांध
रेणुकूट। पिपरी में स्थित रिहंद बांध यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित औद्योगिक इकाइयाें का प्राण है। एनटीपीसी और राज्य विद्युत उत्पादन निगम की इकाइयां बिजली उत्पादन के लिए रिहंद जलाशय के पानी पर ही निर्भर हैं। इसका निर्माण भारत के औद्योगिक विकास के शुरुआती दौर में हुआ था, जब देश में भारी जल परियोजनाओं की शुरुआत की गई थी। रिहंद बांध का निर्माण 1954 में शुरू हुआ और इसे वर्ष 1962 में पूरा किया गया। इस बांध को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू ने ''''आधुनिक भारत का मंदिर'''' कहकर संबोधित किया था।

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934 मीटर लंबा, 91.4 मीटर ऊंचा है बांध
रिहंद बांध की लंबाई 934 मीटर है और इसकी अधिकतम ऊंचाई 91.44 मीटर (लगभग 300 फीट) है। यह पूरी तरह कंक्रीट ग्रेविटी आधारित बांध है। इसका जलाशय जिसे ''''गोविंद बल्लभ पंत सागर'''' के नाम से भी जाना जाता है, देश के सबसे बड़े कृत्रिम जलाशयों में से एक है। इसका कुल जल भंडारण क्षेत्रफल 1,401 वर्ग किलोमीटर है, इसमें से 466 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पानी से भरता है। जलाशय की कुल क्षमता 10.6 अरब घन मीटर (क्यूबिक मीटर) है। इसका कैचमेंट एरिया यानी जलग्रहण क्षेत्र लगभग 13,000 वर्ग किलोमीटर में फैला है।
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