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सामान की आपूर्ति में लाखों की कर चोरी
ब्यूरो, अमर उजाला, सोनभद्र
Updated Sun, 26 Mar 2017 12:08 AM IST
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Tax Fraud
वाणिज्य कर विभाग मिर्जापुर की विशेष अनुसंधान शाखा टीम ने शनिवार को नगर क्षेत्र के कई दूकानों पर छापेमारी की। इसमें मनरेगा सहित कई अन्य सरकारी कार्यों में सामानों की आपूर्ति के नाम पर लाखों रुपये की वाणिज्य कर चोरी का खुलासा हुआ। छापेमारी की जानकारी होने पर कई दूकानदार भाग गए।
सामानों की आपूर्ति में कर चोरी के मामले में वाणिज्य कर विभाग की टीम ने दूकानदारों, फर्मों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शनिवार को वाणिज्य कर विशेष अनुसंधान शाखा मिर्जापुर संभाग के डीसी अखिलेश कुमार सिंह, एसी रविंद्र कुमार व सीटीओ सुरेश प्रसाद जांच-पड़ताल के लिए दुद्धी पहुंचे। सेल टैक्स विभाग के एसआईबी टीम के अनुसार दर्जनों फर्मों ने मनरेगा के कार्यों में वर्ष 2014-15 तथा 2015-16 में अपने फर्मों से करीब तीन करोड़ की मनरेगा में सप्लाई की, लेकिन सरकार का वाणिज्य कर दाखिल नहीं किया है।
इससे पता चलता है कि मनरेगा सहित वित्त के कार्यों में बड़े-बड़े फर्मों ने अधिकारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर घोटाला किया है। असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्य कर संभाग मिर्जापुर रविंद्र कुमार व सीटीओ सुरेश प्रसाद ने बताया कि कुछ फर्म ऐसी भी हैं जो अपने वर्तमान पते पर नहीं पाई गई हैं। उनकी जांच की जा रही है। जांच-पड़ताल के बाद सप्लायरों पर कानूनी कार्रवाई करते हुए फर्म का पंजीकरण निरस्त किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि मेसर्स अथवा कंस्ट्रक्शन के लोग रायल्टी तो जमा करते हैं, लेकिन सेल टैक्स नहीं जमा करते, जिससे राजस्व का करोड़ों रुपए का नुकसान होता है। टीम ने बिल्ली मारकुंडी के दो कंस्ट्रक्शन कंपनियों के यहां भी निरीक्षण किया।
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सामानों की आपूर्ति में कर चोरी के मामले में वाणिज्य कर विभाग की टीम ने दूकानदारों, फर्मों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शनिवार को वाणिज्य कर विशेष अनुसंधान शाखा मिर्जापुर संभाग के डीसी अखिलेश कुमार सिंह, एसी रविंद्र कुमार व सीटीओ सुरेश प्रसाद जांच-पड़ताल के लिए दुद्धी पहुंचे। सेल टैक्स विभाग के एसआईबी टीम के अनुसार दर्जनों फर्मों ने मनरेगा के कार्यों में वर्ष 2014-15 तथा 2015-16 में अपने फर्मों से करीब तीन करोड़ की मनरेगा में सप्लाई की, लेकिन सरकार का वाणिज्य कर दाखिल नहीं किया है।
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इससे पता चलता है कि मनरेगा सहित वित्त के कार्यों में बड़े-बड़े फर्मों ने अधिकारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर घोटाला किया है। असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्य कर संभाग मिर्जापुर रविंद्र कुमार व सीटीओ सुरेश प्रसाद ने बताया कि कुछ फर्म ऐसी भी हैं जो अपने वर्तमान पते पर नहीं पाई गई हैं। उनकी जांच की जा रही है। जांच-पड़ताल के बाद सप्लायरों पर कानूनी कार्रवाई करते हुए फर्म का पंजीकरण निरस्त किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि मेसर्स अथवा कंस्ट्रक्शन के लोग रायल्टी तो जमा करते हैं, लेकिन सेल टैक्स नहीं जमा करते, जिससे राजस्व का करोड़ों रुपए का नुकसान होता है। टीम ने बिल्ली मारकुंडी के दो कंस्ट्रक्शन कंपनियों के यहां भी निरीक्षण किया।