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युवक का शव लेकर आए वाहन को बनाया बंधक
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विंढमगंज। बाराबंकी कमाने गये विंढमगंज थाना क्षेत्र के कुदरी गांव निवासी 21 वर्षीय प्रदीप कुमार भुइयां पुत्र बाबूलाल का शव बृहस्पतिवार को गांव पहुंचने पर परिजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने पांच लाख रुपये मुआवजे की मांग को लेकर शव लेकर आई बोलेरो सहित चालक को बंधक बना लिया। मुआवजा देने के आश्वासन पर वाहन को छोड़ा गया।
झारखंड व छत्तीसगढ़ बॉर्डर से सटे कुदरी गांव का रहने वाला प्रदीप डेढ़ माह पहले लखनऊ के बाराबंकी में गया था। वह वहां के एक प्राइवेट कंपनी में पाइप लाइन में काम कर रहा था। जहां साइट पर ट्रैक्टर पलटने से उसकी मौत हो गई। बृहस्पतिवार की सुबह नौ बजे बोलेरो से उसका शव गांव पहुंचा तो गांव वालों ने वाहन रोक लिया। बाद में कंपनी के लोगों से बात करने पर पहले तीन लाख रुपये मुआवजा देने का आश्वासन दिया गया। लेकिन ग्रामीणों ने पांच लाख रुपये मुआवजा देने की मांग पर अड़े रहे। कुछ देर बाद बैरखड़ के ग्राम प्रधान अमर सिंह के अगुवाई में ग्रामीण गाड़ी को बंधक बना लिए। सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने ग्रामीणों को समझाने बुझाने के बाद मानवीय दृष्टिकोण के तहत कंपनी के अधिकारियों से सेलफोन पर आर्थिक सहयोग दिलवाने की बात की। तब जाकर ग्रामीण व परिजनों ने उक्त बोलोरो से शव को उतारकर गाड़ी को छोड़ा। तत्पश्चात शव का अंतिम दाह संस्कार करने के लिए लोग तैयार हुए।
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झारखंड व छत्तीसगढ़ बॉर्डर से सटे कुदरी गांव का रहने वाला प्रदीप डेढ़ माह पहले लखनऊ के बाराबंकी में गया था। वह वहां के एक प्राइवेट कंपनी में पाइप लाइन में काम कर रहा था। जहां साइट पर ट्रैक्टर पलटने से उसकी मौत हो गई। बृहस्पतिवार की सुबह नौ बजे बोलेरो से उसका शव गांव पहुंचा तो गांव वालों ने वाहन रोक लिया। बाद में कंपनी के लोगों से बात करने पर पहले तीन लाख रुपये मुआवजा देने का आश्वासन दिया गया। लेकिन ग्रामीणों ने पांच लाख रुपये मुआवजा देने की मांग पर अड़े रहे। कुछ देर बाद बैरखड़ के ग्राम प्रधान अमर सिंह के अगुवाई में ग्रामीण गाड़ी को बंधक बना लिए। सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने ग्रामीणों को समझाने बुझाने के बाद मानवीय दृष्टिकोण के तहत कंपनी के अधिकारियों से सेलफोन पर आर्थिक सहयोग दिलवाने की बात की। तब जाकर ग्रामीण व परिजनों ने उक्त बोलोरो से शव को उतारकर गाड़ी को छोड़ा। तत्पश्चात शव का अंतिम दाह संस्कार करने के लिए लोग तैयार हुए।
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