सोनभद्र। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत लोन मंजूर होने और धनराशि मिलने के बाद भी रूफटॉप सोलर पावर प्लांट नहीं लगाने के मामले में यूपीनेडा ने 37 वेंडरों को नोटिस जारी किया है। जिले में ऐसे 254 मामले सामने आए हैं, जिनमें लोन मंजूर हुए 10 दिन से चार माह तक का समय बीतने के बाद भी संयंत्र स्थापित नहीं किए गए हैं। विभाग ने संबंधित वेंडरों को तीन दिन के भीतर प्लांट लगाने और उसका विवरण पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया है। निर्धारित समय में काम पूरा नहीं करने पर जिलाधिकारी और निदेशालय स्तर से कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। यूपीनेडा के परियोजना अधिकारी चंद्रशेखर की ओर से जारी पत्र के अनुसार, निदेशालय स्तर पर समीक्षा में सामने आया कि जिले के 254 उपभोक्ताओं के यहां सोलर रूफटॉप प्लांट लगाने के लिए लोन मंजूर हुए, लेकिन अब तक स्थापना नहीं हुई है। विभाग के निर्देशों के मुताबिक, वेंडरों को सोलर प्लांट के लिए धनराशि मिलने के बाद स्थापना का काम पूरा करना और सात दिन के भीतर उसका विवरण पोर्टल पर अपलोड करना है। पत्र में कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों की ओर से वेंडरों को कई बार फोन और वेंडर समूहों के माध्यम से निर्देश दिए गए, लेकिन इसके बावजूद लापरवाही जारी है। विभाग के मुताबिक, वेंडरों को लोन की राशि पहले ही जारी की जा चुकी है। इसके बावजूद प्लांट स्थापित नहीं होने से पात्र उपभोक्ताओं को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्थापना में देरी के कारण उपभोक्ताओं को लोन की रकम पर अतिरिक्त अवधि का ब्याज चुकाना पड़ रहा है। साथ ही, प्लांट चालू नहीं होने तक उन्हें बिजली बिल भी देना पड़ रहा है। पत्र में यह भी कहा गया है कि देरी से विभाग की छवि प्रभावित हो रही है और योजना का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। यूपीनेडा ने संबंधित वेंडरों को तीन दिन के भीतर सभी लंबित संयंत्र स्थापित करने और उनका विवरण पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, अनंत सोलर सॉल्यूशन के पास 32, कनक सोलर एंड एनर्जी के पास 25, सोलेरा इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के पास 22, इंडिया सोलर एनर्जी और प्रभात सोलर सॉल्यूशन के पास 13-13, भारत सोलर स्क्वायर के पास 12 और सुप्रिया सोलर के पास 10 मामले लंबित हैं। महादेव ट्रेडर्स और एसपीएस इंटरप्राइजेज के पास नौ-नौ, पटेल इंटरप्राइजेज और आरके सोलर एनर्जी के पास आठ-आठ तथा बघेल इंटरप्राइजेज के पास सात मामले लंबित हैं। चंदेला एंपायर, हनुमत सोलर हाउस, कृष्णा बैटरी सर्विस, श्री बाबा विश्वनाथ ट्रेडर्स, लियोसन सोलराइज एलएलपी और विश्वनाथ सोलर पावर सॉल्यूशन के पास छह-छह मामले हैं। ओम कंस्ट्रक्शन के पास पांच, जीएस ट्रेडर्स, कमला सोलर हाउस और मेसर्स कुंज इंटरप्राइजेज के पास चार-चार तथा एएमएस ग्रीन एनर्जीस और पटेल सोलर हाउस के पास तीन-तीन मामले लंबित हैं।