{"_id":"61e1bad8cef7013a635f8bc4","slug":"seven-thousand-tonnes-of-coal-seized-on-the-second-day-sonbhadra-news-vns63357899","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरे दिन सात हजार टन कोयला जब्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरे दिन सात हजार टन कोयला जब्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिंगरौली में कोयला के काले कारोबार पर दूसरे दिन भी कार्रवाई हुई। इस दौरान डीएम के तरफ से गठित टीम ने सात हजार टन कोयला जब्त किया। अधिकारियों के मुताबिक कोल भंडारण बिना अनुमति व वैध दस्तावेजों के बगैर किया गया था।
इस मामले में शुक्रवार को दो कोयला ट्रांसपोर्टरों/भंडारणकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इससे पहले बृहस्पतिवार को चितरंगी क्षेत्र के नौढ़िया इलाके में हुई छापेमारी के दौरान 41 हजार पांच सौ टन कोयला जब्त किया गया था। इस मामले में आठ ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। डीएम आरआर मीना के निर्देशन में शुक्रवार को खनिज, राजस्व व पर्यावरण विभाग की संयुक्त टीम ने बरगवां थाना क्षेत्र के कनई व डगा में छापा मारा। वैधानिक अनुमति के बिना भंडारित दो कोयला संग्रहण ठिकानों पर छापामारी से जिले में दूसरे दिन भी हड़कंप मचा रहा। खनिज अधिकारी एके राय ने बताया कि बरगवां रेलवे साइडिंग के नजदीक ग्राम डगा स्थित निजी भूमि पर संगीता सेल्स प्रा. लिमिटेड के पास से भंडारित 4000 मीट्रिक टन कोयला व ग्राम कनई में एमपी पीजीसीएल फर्म की ओर से भंडारित 3000 मीट्रिक टन कोयले को जब्त कर लिया गया है। कंपनियों ने वैधानिक अनुमति के बिना कोयला भंडार किया था। भंडारण के कोयले का वैध दस्तावेज संबंधित प्रस्तुत नहीं कर सके। कार्रवाई पुलिस की गैरमौजूदगी में मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. नीरज वर्मा, खनिज निरीक्षक विद्याकांत तिवारी, तहसीलदार, कनई व डगा के हल्का पटवारी (लेखपाल), रेलवे स्टेशन के अधीक्षक की मौजूदगी में हुई। बताया जा रहा है कि इस मामले में पुलिस पर पहले से कारोबार को संरक्षण देने का आरोप है। इसी वजह से उसे दूर रखा गया।
विज्ञापन
इस मामले में शुक्रवार को दो कोयला ट्रांसपोर्टरों/भंडारणकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इससे पहले बृहस्पतिवार को चितरंगी क्षेत्र के नौढ़िया इलाके में हुई छापेमारी के दौरान 41 हजार पांच सौ टन कोयला जब्त किया गया था। इस मामले में आठ ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। डीएम आरआर मीना के निर्देशन में शुक्रवार को खनिज, राजस्व व पर्यावरण विभाग की संयुक्त टीम ने बरगवां थाना क्षेत्र के कनई व डगा में छापा मारा। वैधानिक अनुमति के बिना भंडारित दो कोयला संग्रहण ठिकानों पर छापामारी से जिले में दूसरे दिन भी हड़कंप मचा रहा। खनिज अधिकारी एके राय ने बताया कि बरगवां रेलवे साइडिंग के नजदीक ग्राम डगा स्थित निजी भूमि पर संगीता सेल्स प्रा. लिमिटेड के पास से भंडारित 4000 मीट्रिक टन कोयला व ग्राम कनई में एमपी पीजीसीएल फर्म की ओर से भंडारित 3000 मीट्रिक टन कोयले को जब्त कर लिया गया है। कंपनियों ने वैधानिक अनुमति के बिना कोयला भंडार किया था। भंडारण के कोयले का वैध दस्तावेज संबंधित प्रस्तुत नहीं कर सके। कार्रवाई पुलिस की गैरमौजूदगी में मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. नीरज वर्मा, खनिज निरीक्षक विद्याकांत तिवारी, तहसीलदार, कनई व डगा के हल्का पटवारी (लेखपाल), रेलवे स्टेशन के अधीक्षक की मौजूदगी में हुई। बताया जा रहा है कि इस मामले में पुलिस पर पहले से कारोबार को संरक्षण देने का आरोप है। इसी वजह से उसे दूर रखा गया।
विज्ञापन