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एआरटीओ कार्यालय पर एसडीएम का छापा, दलालों में हड़कंप
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एआरटीओ कार्यालय में दलालों की सक्रियता की सूचना पर शुक्रवार को अचानक सदर एसडीएम डॉ. केएस पांडेय वहां धमक पड़े। कार्यालय के विभिन्न पटल के निरीक्षण के दौरान एक संदिग्ध युवक को पकड़ा। पूछताछ के लिए उसे हिरासत में लिया गया। एसडीएम की छापेमारी से कार्यालय में हड़कंप मच गया। आसपास खुली दुकानों के शटर बंद कर बिचौलिए फरार हो गए। काफी देर तक अफरातफरी मची रही।
परिवहन विभाग के कार्यालय में दलालों की सक्रियता नई नहीं है। लाइसेंस बनवाने, परमिट दिलवाने, फिटनेस कराने से लेकर हर कार्य के लिए दलालों ने सेंटिंग कर रखी है। बिना उनकी मर्जी के कार्यालय में पत्ता नहीं हिलता। ओवरलोडिंग की जड़ में भी कार्यालय में सक्रिय दलालों की सक्रियता ही है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद शुक्रवार की दोपहर डीएम के निर्देश पर सदर एसडीएम डॉ. केएस पांडेय अचानक एआरटीओ कार्यालय पर धमक पड़े। फोर्स के साथ एसडीएम के पहुंचते ही अफरातफरी मच गई। कार्यालय में मौजूद बिचौलिए एक-एक कर बाहर भागने लगे। इस दौरान संदिग्ध प्रतीत होने पर एक युवक को एसडीएम ने पकड़ लिया। उन्होंने लाइसेंस अनुभाग, परमिट, फिटनेस, नवीनीकरण सहित अन्य सभी पटलों पर पहुंचकर वहां के काम-काज, लंबित फाइलों के बारे में जानकारी ली। हिदायत दी कि नियम विरुद्ध ढंग से कोई भी काम हुआ तो संबंधित को बख्शा नहीं जाएगा। करीब आधे घंटे तक निरीक्षण के दौरान कार्यालय के बाहर भी अफरातफरी का माहौल रहा। आसपास खुली दुकानों के शटर भी धड़ाधड़ गिर गए। एक-दो दुकानों को छोड़कर सभी दुकानों में दिन भर ताला लगा रहा।
तमाम शिकायतों के मद्देनजर एआरटीओ कार्यालय की जांच की गई। वहां से एक संदिग्ध को पकड़ा गया। पूछताछ में पता चला कि वह लाइसेंस बनवाने आया था। उसे छोड़ दिया गया है। कार्यालय के आसपास खुली दुकानों व बेवजह घूमने वालों को पकड़कर कार्रवाई के लिए सदर कोतवाल को निर्देशित किया गया है। -डॉ. केएस पांडेय, एसडीएम सदर।
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परिवहन विभाग के कार्यालय में दलालों की सक्रियता नई नहीं है। लाइसेंस बनवाने, परमिट दिलवाने, फिटनेस कराने से लेकर हर कार्य के लिए दलालों ने सेंटिंग कर रखी है। बिना उनकी मर्जी के कार्यालय में पत्ता नहीं हिलता। ओवरलोडिंग की जड़ में भी कार्यालय में सक्रिय दलालों की सक्रियता ही है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद शुक्रवार की दोपहर डीएम के निर्देश पर सदर एसडीएम डॉ. केएस पांडेय अचानक एआरटीओ कार्यालय पर धमक पड़े। फोर्स के साथ एसडीएम के पहुंचते ही अफरातफरी मच गई। कार्यालय में मौजूद बिचौलिए एक-एक कर बाहर भागने लगे। इस दौरान संदिग्ध प्रतीत होने पर एक युवक को एसडीएम ने पकड़ लिया। उन्होंने लाइसेंस अनुभाग, परमिट, फिटनेस, नवीनीकरण सहित अन्य सभी पटलों पर पहुंचकर वहां के काम-काज, लंबित फाइलों के बारे में जानकारी ली। हिदायत दी कि नियम विरुद्ध ढंग से कोई भी काम हुआ तो संबंधित को बख्शा नहीं जाएगा। करीब आधे घंटे तक निरीक्षण के दौरान कार्यालय के बाहर भी अफरातफरी का माहौल रहा। आसपास खुली दुकानों के शटर भी धड़ाधड़ गिर गए। एक-दो दुकानों को छोड़कर सभी दुकानों में दिन भर ताला लगा रहा।
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तमाम शिकायतों के मद्देनजर एआरटीओ कार्यालय की जांच की गई। वहां से एक संदिग्ध को पकड़ा गया। पूछताछ में पता चला कि वह लाइसेंस बनवाने आया था। उसे छोड़ दिया गया है। कार्यालय के आसपास खुली दुकानों व बेवजह घूमने वालों को पकड़कर कार्रवाई के लिए सदर कोतवाल को निर्देशित किया गया है। -डॉ. केएस पांडेय, एसडीएम सदर।
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