{"_id":"5807bf7d4f1c1b726b704a4e","slug":"salaries-of-63-stayed-on-negligence","type":"story","status":"publish","title_hn":"Salaries of 63 stayed on negligence","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Salaries of 63 stayed on negligence
अमर उजाला ब्यूरो/ सोनभद्र
Updated Thu, 20 Oct 2016 12:16 AM IST
विज्ञापन
स्त्री रोग विशेषज्ञ समेत दो का वेतन रोकने के आदेश
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जनता की समस्याओं की अनदेखी करना जिले के 63 अफसर और अन्य कर्मचारियों पर भारी पड़ गया। मुख्यमंत्री के सचिव की वीडियो कांफ्रेंसिंग में समस्याओं के निस्तारण में हीलाहवाली पर डीएम सीबी सिंह ने इन अफसरों के साथ ही चार थानेदारों का वेतन रोक दिया है। साथ ही 25 अक्तूबर तक सभी 508 समस्या निबटाने का मौका दिया है। चेताया है कि यदि फिर भी मामले हल नहीं हुई तो अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल आईजीआरएस पोर्टल पर मुख्यमंत्री, भारत सरकार, डीएम और आनलाइन संदर्भों के निस्तारण की जमीनी हकीकत जानने के लिए मुख्यमंत्री के सचिव ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग की। पता चला कि अधिकतर अधिकारियों ने आनलाइन समस्याओं को न तो गंभीरता से लिया और न ही उनका निस्तारण किया। समीक्षा में खामियां मिलने पर डीएम सीबी सिंह ने 63 अधिकारियों के वेतन रोक दिए।
साथ ही वरिष्ठ कोषाधिकारी को निर्देश दिया कि वे जब तक संबंधित अधिकारी डीएम कार्यालय के शिकायत अनुभाग से निस्तारण प्रमाण-पत्र कोषागार में पेश न करें, तब तक उनके वेतन देयकों को स्वीकार न किया जाए। बताते चले कि जिले में 508 शिकायतों को लंबित रहने की स्थिति में उठाया है। मुख्यमंत्री के 63, प्रधानमंत्री के 54, डीएम के 236 व आनलाइन के 155 शिकायती पत्र लंबित पड़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
दरअसल आईजीआरएस पोर्टल पर मुख्यमंत्री, भारत सरकार, डीएम और आनलाइन संदर्भों के निस्तारण की जमीनी हकीकत जानने के लिए मुख्यमंत्री के सचिव ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग की। पता चला कि अधिकतर अधिकारियों ने आनलाइन समस्याओं को न तो गंभीरता से लिया और न ही उनका निस्तारण किया। समीक्षा में खामियां मिलने पर डीएम सीबी सिंह ने 63 अधिकारियों के वेतन रोक दिए।
विज्ञापन
साथ ही वरिष्ठ कोषाधिकारी को निर्देश दिया कि वे जब तक संबंधित अधिकारी डीएम कार्यालय के शिकायत अनुभाग से निस्तारण प्रमाण-पत्र कोषागार में पेश न करें, तब तक उनके वेतन देयकों को स्वीकार न किया जाए। बताते चले कि जिले में 508 शिकायतों को लंबित रहने की स्थिति में उठाया है। मुख्यमंत्री के 63, प्रधानमंत्री के 54, डीएम के 236 व आनलाइन के 155 शिकायती पत्र लंबित पड़े हैं।
विज्ञापन