फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Rs 25 thousand rewarded Sonbhadra former ARTO arrested with partner

UP News: 25 हजार का इनामी सोनभद्र का पूर्व एआरटीओ साथी समेत गिरफ्तार, थानों में बंद वाहनों को छुड़ाने का मामला

Mon, 03 Jul 2023 04:15 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र Published by: उत्पल कांत Updated Mon, 03 Jul 2023 04:15 PM IST
सार

थाने में बंद वाहनों को फर्जी रिलीज ऑर्डर पर छुड़ाने के आरोपी  सोनभद्र जिले के तत्कालीन एआरटीओ (अब सेवानिवृत्त) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गोड़ा घोषित हो चुके पूर्व एआरटीओ  पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम भी रखा था।

विज्ञापन
Rs 25 thousand rewarded Sonbhadra former ARTO arrested with partner
सोनभद्र का पूर्व एआरटीओ साथी समेत गिरफ्तार , - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

थाने में बंद वाहनों को फर्जी रिलीज ऑर्डर पर छुड़ाने के मामले में पुलिस ने सोनभद्र जिले के तत्कालीन एआरटीओ (अब सेवानिवृत्त) और उसके शरणदाता को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि एआरटीओ की मिलीभगत से ही वाहनों को छुड़ाने के लिए कार्यालय से फर्जी रिलीज ऑर्डर जारी किए गए थे। बाद में खुद को फंसता देख उसने विभिन्न थानों में 57 वाहन स्वामियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया। छानबीन में सच्चाई सामने आने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। भगोड़ा घोषित हो चुके पीएस राय पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम भी रखा था। 

विज्ञापन


पुलिस लाइन सभागार में सोमवार को प्रेस वार्ता में एएसपी त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी ने बताया कि थानों में निरुद्ध वाहनों के निस्तारण के संबंध में शासन के निर्देशों के तहत आरटीओ की ओर से बार-बार जारी हुए निर्देशों के क्रम में तत्कालीन एआरटीओ प्रवीण शंकर राय (पीएस राय) ने पिछले वर्ष अपनी सेवानिवृत्ति से ठीक पहले म्योरपुर, बभनी, चोपन, हाथीनाला व विंढमगंज थाने में 57 वाहन स्वामियों पर मुकदमा दर्ज कराया था।

विज्ञापन

संगठित गिरोह बनाकर पूरे खेल को अंजाम दिया

आरोप था कि वाहन स्वामियों ने एआरटीओ कार्यालय का फर्जी रिलीज ऑर्डर तैयार कर बिना चालान राशि जमा किए ही थाने में बंद वाहनों को छुड़ा लिया। केस दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू की तो पता चला कि तत्कालीन एआरटीओ प्रवीण शंकर राय व प्रवर्तन लिपिक विनोद श्रीवास्तव ने कार्यालय में प्राइवेट रूप से काम करने वाले व्यक्तियों, दलालों व वाहन पासरों का संगठित गिरोह बनाकर पूरे खेल को अंजाम दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

वाहन स्वामियों से निर्धारित राशि लेकर उन्हें फर्जी रिलीज ऑर्डर प्रदान कर देते थे, जो असली जैसा ही दिखता था। विभागीय जांच में खुद को फंसता देख पीएस राय ने वाहन स्वामियों पर मुकदमा दर्ज करा दिया। छानबीन में सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस ने उस पर शिकंजा कसना शुरू किया तो वह फरार हो गया। कोर्ट के आदेश पर उसके विरुद्ध कुर्की की कार्रवाई की गई थी। बावजूद कहीं पता न चलने पर पिछले माह पुलिस ने उसे फरार घोषित कर दिया था। पुलिस, एसओजी व सर्विलांस की संयुक्त टीम उसकी तलाश में लगी थी।

वाराणसी स्थित फार्म हाउस से हुई गिरफ्तारी

शनिवार  रात मुखबिर की सूचना पर संयुक्त टीम ने वाराणसी के मोहनसराय स्थित फार्म हाउस से मुख्य आरोपी पीएस राय निवासी सोहांव थाना नरही, जिला बलिया व उसके शरणदाता सह चालक त्रिलोकी नाथ पांडेय निवासी कल्यानपुर थाना सारनाथ को गिरफ्तार किया। तलाशी में उनके पास से 1.40 लाख रुपये नकद, पांच मोबाइल फोन, एक राउटर व एक कार बरामद हुई।

पूछताछ के बाद दोनों को जालसाजी, फर्जी अभिलेख तैयार करने, आपराधिक साजिश रचने सहित अन्य धाराओं में जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार करने वाली टीम में म्योरपुर एसओ लक्ष्मण पर्वत, सर्विलांस प्रभारी राजेश सिंह, एसओजी प्रभारी शेषनाथ पाल, एसआई बृजेश पांडेय आदि शामिल रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed