{"_id":"f269dcaa36859688c4f1f977c17dccbc","slug":"ramacharit-manas-was-coined-by-chaupaiyon-city-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामचरित मानस की चौपाइयों से गूंजा शहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामचरित मानस की चौपाइयों से गूंजा शहर
ब्यूरो अमर उजाला, सोनभद्र
Updated Tue, 23 Dec 2014 11:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राबर्ट्सगंज आरटीएस क्लब में मंगलवार से शुरू हुए महायज्ञ में श्रीराम
विज्ञापन
चरित मानस की चौपाइयों से समूचा शहर गुंजायमान रहा। 108 भूदेवों और आचार्य
की ओर से पाठ किया गया।
पहले दिन ही भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने यज्ञ मंडप की फेरी लगाई। राम दरबार का दर्शन कर भक्त निहाल हो गए। नौ दिवसीय श्रीराम चरित मानस नवाह पाठ महायज्ञ में मंगलवार की सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
व्यास जी सूर्यलाल मिश्र और 108 भूदेवों के जरिए श्रीराम चरित मानस की पढ़ी गई चौपाइयों से समूचा शहर गुंजायमान रहा। जिसे भी चौपाई सुनाई दी वह यज्ञ मंडप में जाने से अपने को नहीं रोक पाया।
पहले दिन भारी संख्या में श्रद्धालुओं पहुंचे। भक्तों ने 108 भूदेवों की परिक्रमा की। इस मौके पर डा. कृष्णानंद त्रिपाठी, सुशील पाठक, शिशु त्रिपाठी, मृत्युंजय, रमाकांत शुक्ला, रतन लाल गर्ग, अयोध्या दूबे, रामशकल चौबे आदि रहे।
इससे पूर्व श्रीराम चरित मानस महायज्ञ की शुरूआत से पहले सोमवार की शाम साढ़े सात बजे शुभ मुहूर्त में आचार्यों ने मंत्रोच्चार के बीच मुख्य यजमान सुशील पाठक और उनकी पत्नी शैल पाठक से देवताओं की प्रतिमा स्थापित कराई।
पहले दिन ही भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने यज्ञ मंडप की फेरी लगाई। राम दरबार का दर्शन कर भक्त निहाल हो गए। नौ दिवसीय श्रीराम चरित मानस नवाह पाठ महायज्ञ में मंगलवार की सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
व्यास जी सूर्यलाल मिश्र और 108 भूदेवों के जरिए श्रीराम चरित मानस की पढ़ी गई चौपाइयों से समूचा शहर गुंजायमान रहा। जिसे भी चौपाई सुनाई दी वह यज्ञ मंडप में जाने से अपने को नहीं रोक पाया।
पहले दिन भारी संख्या में श्रद्धालुओं पहुंचे। भक्तों ने 108 भूदेवों की परिक्रमा की। इस मौके पर डा. कृष्णानंद त्रिपाठी, सुशील पाठक, शिशु त्रिपाठी, मृत्युंजय, रमाकांत शुक्ला, रतन लाल गर्ग, अयोध्या दूबे, रामशकल चौबे आदि रहे।
इससे पूर्व श्रीराम चरित मानस महायज्ञ की शुरूआत से पहले सोमवार की शाम साढ़े सात बजे शुभ मुहूर्त में आचार्यों ने मंत्रोच्चार के बीच मुख्य यजमान सुशील पाठक और उनकी पत्नी शैल पाठक से देवताओं की प्रतिमा स्थापित कराई।