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कई समितियों पर डीएपी नदारद, किसान परेशान
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सोनभद्र। जिले के कई साधन सहकारी समितियों पर डीएपी नहीं है। ऐसे में समिति से जुड़े हजारों किसानों को उर्वरक नहीं मिल पा रहा हैद्घ ऐसे में किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि जिन समितियों पर उर्वरक नहीं है वहां जल्द भेजा जाएगा।
गौरतलब हो कि राबर्ट्सगंज, म्योरपुर, घोरावल, चतरा, नगवां, चोपन, दुद्धी और बभनी ब्लॉक क्षेत्र में 62 सहकारी समितियां संचालित हो रही हैं। इन समितियों से लगभग एक लाख किसान जुड़े हैं, लेकिन इनमे से नियमित करीब 45 हजार किसान ही लेनदेन करते हैं। जरूरत के अनुसार बारिश न होने के बावजूद चतरा, राबर्ट्सगंज और घोरावल विकास खंड क्षेत्र में हजारों किसानों ने सबमर्सिबल, नहर के पानी से धान की नर्सरी की रोपाई करने में जुट गए हैं। पिछले कई दिनों से साधन सहकारी समिति कोरियाव, बभनी समेत अन्य कई समितियों पर डीएपी नहीं है। जबकि किसान डीएपी लेने के लिए चक्कर लगा रहे हैं। समितियों पर उर्वरक न मिलने से मजबूरी में किसान दुकानों से महंगे दर पर डीएपी क्रय कर रहे हैं।
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गौरतलब हो कि राबर्ट्सगंज, म्योरपुर, घोरावल, चतरा, नगवां, चोपन, दुद्धी और बभनी ब्लॉक क्षेत्र में 62 सहकारी समितियां संचालित हो रही हैं। इन समितियों से लगभग एक लाख किसान जुड़े हैं, लेकिन इनमे से नियमित करीब 45 हजार किसान ही लेनदेन करते हैं। जरूरत के अनुसार बारिश न होने के बावजूद चतरा, राबर्ट्सगंज और घोरावल विकास खंड क्षेत्र में हजारों किसानों ने सबमर्सिबल, नहर के पानी से धान की नर्सरी की रोपाई करने में जुट गए हैं। पिछले कई दिनों से साधन सहकारी समिति कोरियाव, बभनी समेत अन्य कई समितियों पर डीएपी नहीं है। जबकि किसान डीएपी लेने के लिए चक्कर लगा रहे हैं। समितियों पर उर्वरक न मिलने से मजबूरी में किसान दुकानों से महंगे दर पर डीएपी क्रय कर रहे हैं।
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