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मांगें मनवाने के लिए प्रदर्शन
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Fri, 03 Jun 2016 10:26 PM IST
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अनपरा परियोजना गेट पर 19 सूत्रीय मांगों को लेकर आवाज बुलंद करते उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ के लोग।
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उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ (एटक) के बैनर तले शुक्रवार को बिजली कामगारों ने 6600 ग्रेड पे तय करने सहित 19 सूत्री मांगों को लेकर अनपरा परियोजना गेट पर धरना-प्रदर्शन किया।
क्षेत्रीय मंत्री अजानबाबू सिंह, शाखा अध्यक्ष सच्चिदानंद सिंह ने 10 फरवरी 2015 के धरने से संबंधित मुकदमे वापस लेने, संविदा कर्मियों को वेतन चेक के जरिए सीधे विभाग से देने, 1200-1800 वेतमान में कार्यरत कर्मियों का तृतीय समयबद्ध वेतनमान 6600 तय किए जाने, समयबद्ध वेतनमान की विसंगति दूर करने की मांग की। संचालन कर रहे सुशील कुमार श्रीवास्तव, प्रदीप मौर्या, विशाल श्रीवास्तव, एलबी सिंह, हरिशंकर द्विवेदी का कहना था कि संविदा कर्मियों की सेवा नियमावली बनाकर नियमित कर्मी का वेतन और दुर्घटना में घायल संविदा कर्मी के उपचार का खर्च विभाग द्वारा वहन किया जाए।
विभाग में 65 हजार खाली पदों पर कार्यरत संविदा, मस्टररोल और छंटनीसुदा को समायोजित करते हुए नए पदों का सृजन करने, छह फरवरी 2007 को किए गए प्रथम आदेश के बाद संविदा कर्मियों के वेतन से अब तक की कटौती और ईपीएफ धनराशि में हुए घपले के जांच की भी मांग की। डीसी दीक्षित, उदयनारायण सिंह, रामाश्रय भारती, आदि ने उत्तर प्रदेश जल विद्युत निगम का राज्य विद्युत निगम में विलय करने, अधिकारियों की प्रोन्नति की भांति कर्मियों की प्रोन्नति आदि की मांग की।
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क्षेत्रीय मंत्री अजानबाबू सिंह, शाखा अध्यक्ष सच्चिदानंद सिंह ने 10 फरवरी 2015 के धरने से संबंधित मुकदमे वापस लेने, संविदा कर्मियों को वेतन चेक के जरिए सीधे विभाग से देने, 1200-1800 वेतमान में कार्यरत कर्मियों का तृतीय समयबद्ध वेतनमान 6600 तय किए जाने, समयबद्ध वेतनमान की विसंगति दूर करने की मांग की। संचालन कर रहे सुशील कुमार श्रीवास्तव, प्रदीप मौर्या, विशाल श्रीवास्तव, एलबी सिंह, हरिशंकर द्विवेदी का कहना था कि संविदा कर्मियों की सेवा नियमावली बनाकर नियमित कर्मी का वेतन और दुर्घटना में घायल संविदा कर्मी के उपचार का खर्च विभाग द्वारा वहन किया जाए।
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विभाग में 65 हजार खाली पदों पर कार्यरत संविदा, मस्टररोल और छंटनीसुदा को समायोजित करते हुए नए पदों का सृजन करने, छह फरवरी 2007 को किए गए प्रथम आदेश के बाद संविदा कर्मियों के वेतन से अब तक की कटौती और ईपीएफ धनराशि में हुए घपले के जांच की भी मांग की। डीसी दीक्षित, उदयनारायण सिंह, रामाश्रय भारती, आदि ने उत्तर प्रदेश जल विद्युत निगम का राज्य विद्युत निगम में विलय करने, अधिकारियों की प्रोन्नति की भांति कर्मियों की प्रोन्नति आदि की मांग की।
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