{"_id":"572f85674f1c1ba9485cd2bb","slug":"people-stopped-work","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोगों ने रोका काम ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोगों ने रोका काम
ब्यूरो, अमर उजाला/ सोनभद्र
Updated Sun, 08 May 2016 11:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एनसीएल खड़िया कोयला परियोजना में निर्माणाधीन कोल हैंडलिंग प्लांट (सीएचपी) का कार्य बस्ती के लोगों ने रविवार दोपहर रुकवा दिया। बस्ती के रहवासी बिना मुआवजा दिए झोपड़ियों को तोड़े जाने का जमकर विरोध किया और पूरे परिवार के साथ कार्य स्थल पर पहुंच कर नारेबाजी भी की।एनसीएल खड़िया परियोजना द्वारा पुरानी सीएचपी के बगल में नई सीएचपी बनवाई जा रही है। यह कार्य लार्सन एंड टूब्रो कंपनी को दिया गया है।
प्लांट निर्माण की जद में राजकिशन बस्ती का एक बड़ा हिस्सा आ गया। इसमें करीब सौ परिवार प्रभावित हो रहे हैं। रविवार को एनसीएल व निर्माण से जुड़ी कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और गार्डों व मशीन मदद से बस्ती के रहवासी देवराज, बुद्धु पात्रो, चंद्रमोहन व रामराज की झोपड़ियों को गिरवा दिया। कुछ और झोपड़ी गिराने की प्रक्रिया चल ही रही थी सूचना के बाद रहवासी एकजुट हो गए और पूर कुनबे के साथ कार्य स्थल पर पहुंच विरोध शुरू कर दिया। रहवासियों का कहना था कि बिना मुआवजा उनको उजाड़ने की कार्रवाई की जा रही है और कंपबेहद कम (35 सौ रुपये) है।
विज्ञापन
प्लांट निर्माण की जद में राजकिशन बस्ती का एक बड़ा हिस्सा आ गया। इसमें करीब सौ परिवार प्रभावित हो रहे हैं। रविवार को एनसीएल व निर्माण से जुड़ी कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और गार्डों व मशीन मदद से बस्ती के रहवासी देवराज, बुद्धु पात्रो, चंद्रमोहन व रामराज की झोपड़ियों को गिरवा दिया। कुछ और झोपड़ी गिराने की प्रक्रिया चल ही रही थी सूचना के बाद रहवासी एकजुट हो गए और पूर कुनबे के साथ कार्य स्थल पर पहुंच विरोध शुरू कर दिया। रहवासियों का कहना था कि बिना मुआवजा उनको उजाड़ने की कार्रवाई की जा रही है और कंपबेहद कम (35 सौ रुपये) है।
विज्ञापन