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पंचायत चुनाव: साढ़े 23 हजार उम्मीदवारों की जब्त होगी जमानत
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सोनभद्र। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में विभिन्न पदों के लिए ताल ठोंकने वाले करीब साढ़े 23 हजार उम्मीदवारों की जमानत राशि जब्त होगी। निर्धारित समय समय सीमा में चुनाव खर्च का ब्योरा न देने पर आयोग ने उनकी जमानत राशि जब्त करने का निर्णय लिया है। इसमें पराजित उम्मीदवारों के अलावा विजेता भी शामिल हैं। इनकी जमानत राशि एक करोड़ रुपये से अधिक है।
29 अप्रैल को ओबरा, राबर्ट्र्सगंज, दुद्धी और घोरावल तहसील क्षेत्र की 629 ग्राम पंचायतों में मतदान हुआ था। दो मई को वोटों की गिनती हुई। निर्वाचन कार्यालय के अनुसार 629 ग्राम प्रधान पदों के लिए 6738 नामाकंन दाखिल हुए थे। 781 क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए 5098 नामांकन पत्र जमा हुए थे। जिला पंचायत सदस्य के 31 पदों के लिए 767 और ग्राम पंचायत सदस्य के 7767 पदों के लिए 11858 नामाकंन पत्र दाखिल किए गए थे। नामांकन पत्र के साथ प्रधान और बीडीसी सदस्य पद के प्रत्येक उम्मीदवार से एक से दो हजार और जिला पंचायत सदस्य के उम्मीदवारों से दो से चार हजार रुपये तक जमानत राशि जमा कराई गई थी। आयोग ने जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्येक उम्मीदवार को डेढ़ लाख, क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधान पद के प्रत्याशी को 75-75 हजार रुपये एवं ग्राम पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी को दस हजार चुनाव में खर्च करने की सीमा निर्धारित की थी। निर्देश दिया था कि चुनाव परिणाम घोषणा के तीन माह के भीतर विजयी एवं पराजित होने वाले जो उम्मीदवार चुनावी खर्च का ब्योरा देंगे, उनकी जमानत राशि वापस कर दी जाएगी। तीन अगस्त तक चुनाव में भाग्य आजमाने वालों को चुनावी खर्चे के ब्योरे के साथ प्रत्यावेदन पंचायत एवं नगरीय निकाय कार्यालय, विकास खंड कार्यालयों में जमा करने की मोहलत थी, लेकिन सिर्फ सात लोगों ने ही ब्योरा उपलब्ध कराया। आवेदन न करने वालों की जमानत राशि जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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वर्जन...
ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य पद के विजयी और पराजित होने वाले जो उम्मीदवार चुनावी खर्च के रिेकार्ड के साथ प्रत्यावेदन करते हैं, उनकी जमानत राशि वापस करने का प्रावधान है। बार-बार कहने के बाद भी ग्राम प्रधान के दो उम्मीदवार, जिला पंचायत सदस्य पद के चार और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के एक उम्मीदवार ने ही आवेदन किया है। उम्मीदवारों की करीब डेढ़ करोड़ जमानत राशि जब्त करने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
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- जगरूप पटेल, सहायक निर्वाचन अधिकारी।
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29 अप्रैल को ओबरा, राबर्ट्र्सगंज, दुद्धी और घोरावल तहसील क्षेत्र की 629 ग्राम पंचायतों में मतदान हुआ था। दो मई को वोटों की गिनती हुई। निर्वाचन कार्यालय के अनुसार 629 ग्राम प्रधान पदों के लिए 6738 नामाकंन दाखिल हुए थे। 781 क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए 5098 नामांकन पत्र जमा हुए थे। जिला पंचायत सदस्य के 31 पदों के लिए 767 और ग्राम पंचायत सदस्य के 7767 पदों के लिए 11858 नामाकंन पत्र दाखिल किए गए थे। नामांकन पत्र के साथ प्रधान और बीडीसी सदस्य पद के प्रत्येक उम्मीदवार से एक से दो हजार और जिला पंचायत सदस्य के उम्मीदवारों से दो से चार हजार रुपये तक जमानत राशि जमा कराई गई थी। आयोग ने जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्येक उम्मीदवार को डेढ़ लाख, क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधान पद के प्रत्याशी को 75-75 हजार रुपये एवं ग्राम पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी को दस हजार चुनाव में खर्च करने की सीमा निर्धारित की थी। निर्देश दिया था कि चुनाव परिणाम घोषणा के तीन माह के भीतर विजयी एवं पराजित होने वाले जो उम्मीदवार चुनावी खर्च का ब्योरा देंगे, उनकी जमानत राशि वापस कर दी जाएगी। तीन अगस्त तक चुनाव में भाग्य आजमाने वालों को चुनावी खर्चे के ब्योरे के साथ प्रत्यावेदन पंचायत एवं नगरीय निकाय कार्यालय, विकास खंड कार्यालयों में जमा करने की मोहलत थी, लेकिन सिर्फ सात लोगों ने ही ब्योरा उपलब्ध कराया। आवेदन न करने वालों की जमानत राशि जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य पद के विजयी और पराजित होने वाले जो उम्मीदवार चुनावी खर्च के रिेकार्ड के साथ प्रत्यावेदन करते हैं, उनकी जमानत राशि वापस करने का प्रावधान है। बार-बार कहने के बाद भी ग्राम प्रधान के दो उम्मीदवार, जिला पंचायत सदस्य पद के चार और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के एक उम्मीदवार ने ही आवेदन किया है। उम्मीदवारों की करीब डेढ़ करोड़ जमानत राशि जब्त करने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
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- जगरूप पटेल, सहायक निर्वाचन अधिकारी।