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ओबरा तापीय परियोजना से होगी बिजली उत्पादन में वृद्धि
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राज्य विद्युत उत्पादन निगम उत्तर प्रदेश की ओबरा तापीय परियोजना के लिए वर्ष 2022 उत्पादन वृद्धि के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। पिछले दो वर्षों से अनुरक्षण और नवीनीकरण में चल रही 200 मेगावाट वाली 13वीं इकाई 2021 के अंत तक लोड पर आने की संभावना है। इसके अलावा 10400 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन ओबरा सी की 660 मेगावाट वाली दोनों इकाइयों के चालू होने से ओबरा का वर्ष 2022 में उत्पादन 2300 मेगावाट से ज्यादा हो जाएगा।
ओबरा परियोजना में ही 50 मेगावाट, 100 मेगावाट एवं 200 मेगावाट वाली इकाइयों की प्रदेश में पहली बार स्थापना हुई थी। इनमें 50 मेगावाट वाली पांच एवं 100 मेगावाट वाली तीन इकाइयों को हमेशा के लिए बंद किया जा चुका है। 200 मेगावाट वाली पांच इकाइयों में वर्तमान में 13वीं इकाई का जीर्णोद्धार चल रहा है। बाकी चार इकाइयां जीर्णोद्धार के बाद उत्पादनरत हैं। 13वीं से उत्पादन चालू होने के साथ पिछले 12 वर्षों से 200 मेगावाट की इकाइयों का चल रहा जीर्णोद्धार पूरा हो जाएगा। हालांकि इस अनुरक्षण और मरम्मत कार्य में उत्पादन निगम को लगभग एक हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा, वहीं 200 करोड़ से ज्यादा की उत्पादन क्षति भी झेलनी पड़ी है। निर्माणाधीन ओबरा सी की पहली इकाई एवं अनुरक्षण और मरम्मत में चल रही 13वीं इकाई के सिक्रोनाइज होने में लगातार देरी हो रही है। बीते 26 अगस्त को ओबरा दौरे के दौरान प्रमुख सचिव (ऊर्जा) एवं चेयरमैन, राज्य बिजली उत्पादन निगम एम देवराज ने 13 वीं इकाई के सितंबर में सिंक्रोनाइज होने की संभावना जताई थी। वहीं ओबरा सी की पहली इकाई को 31 दिसंबर 2021 तक लाइटअप करने का लक्ष्य तय किया गया है।
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ओबरा परियोजना में ही 50 मेगावाट, 100 मेगावाट एवं 200 मेगावाट वाली इकाइयों की प्रदेश में पहली बार स्थापना हुई थी। इनमें 50 मेगावाट वाली पांच एवं 100 मेगावाट वाली तीन इकाइयों को हमेशा के लिए बंद किया जा चुका है। 200 मेगावाट वाली पांच इकाइयों में वर्तमान में 13वीं इकाई का जीर्णोद्धार चल रहा है। बाकी चार इकाइयां जीर्णोद्धार के बाद उत्पादनरत हैं। 13वीं से उत्पादन चालू होने के साथ पिछले 12 वर्षों से 200 मेगावाट की इकाइयों का चल रहा जीर्णोद्धार पूरा हो जाएगा। हालांकि इस अनुरक्षण और मरम्मत कार्य में उत्पादन निगम को लगभग एक हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा, वहीं 200 करोड़ से ज्यादा की उत्पादन क्षति भी झेलनी पड़ी है। निर्माणाधीन ओबरा सी की पहली इकाई एवं अनुरक्षण और मरम्मत में चल रही 13वीं इकाई के सिक्रोनाइज होने में लगातार देरी हो रही है। बीते 26 अगस्त को ओबरा दौरे के दौरान प्रमुख सचिव (ऊर्जा) एवं चेयरमैन, राज्य बिजली उत्पादन निगम एम देवराज ने 13 वीं इकाई के सितंबर में सिंक्रोनाइज होने की संभावना जताई थी। वहीं ओबरा सी की पहली इकाई को 31 दिसंबर 2021 तक लाइटअप करने का लक्ष्य तय किया गया है।
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