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ओबरा सी का निर्माण अक्तूबर से
ब्यूररो,अमर उजाला/सोनभद्र
Updated Sun, 04 Sep 2016 11:46 PM IST
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सपा के पिछले कार्यकाल में प्रस्तावित ओबरा सी परियोजना अब मूर्तरूप लेने के करीब पहुंच गई है। 1320 मेगावाट वाली परियोजना का निर्माण अक्तूबर में शुरू हो जाएगा। खुद सीएम अखिलेश यादव अक्तूबर के पहले पखवारे में ओबरा पहुंचकर इसकी आधारशिला रखेंगे। राज्य उत्पादन निगम के निदेशक आरके त्रिवेदी ने रविवार की सुबह वीआईपी गेस्ट हाउस में अमर उजाला से हुई वार्ता में यह जानकारी दी।
बताया कि दुसान को 48 महीने में परियोजना का निर्माण कार्य पूर्ण करना होगा। लागत 5.24 करोड़ प्रति मेगावाट (लगभग सात करोड़) तय की गई है। कहा कि कार्य समय से पूर्ण हो, इसके लिए निगम प्रबंधन बराबर निगरानी बनाए रखेगा। ठेका लेने वाली कंपनी को इसके लिए जरूरी हिदायतें दे दी गई हैं। ओबरा ए की 50 मेगावाट वाली पहली से पांचवीं और सौ मेगावाट वाली छठीं से सातवीं (550 मेगावाट) की जगह 660 मेगावाट की नई यूनिट बैठाई जाएगी। जापानी कंपनी के सर्वे और तैयार कराई गई फिजिबिलिटी रिपोर्ट में सब कुछ ओके मिला है।
इसी महीने 14 सितंबर को ऊर्जा से जुड़े बोर्ड की बैठक होगी, जिसमें टेंडर प्रक्रिया कब से शुरू की जाए, इसको लेकर निर्णय ले लिया जाएगा। इं. त्रिवेदी ने बताया कि बिजली को लेकर प्रदेश सरकार गंभीर है। 1320 मेगावाट वाली जवाहरपुर (एटा) का ठेका भी दुसान को मिला है। जल्द ही यहां भी कार्य शुरू होगा। करछना के बारे में बताया कि इसके ठेका का भी काम अंतिम चरण में है। बीड के फाइनल चरण में अब बस दो कंपनियां रह गई हैं। जल्द ही यह निश्चित कर लिया जाएगा कि परियोजना का निर्माण इसमें किस कंपनी से कराया जाना ठीक रहेगा।
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बताया कि दुसान को 48 महीने में परियोजना का निर्माण कार्य पूर्ण करना होगा। लागत 5.24 करोड़ प्रति मेगावाट (लगभग सात करोड़) तय की गई है। कहा कि कार्य समय से पूर्ण हो, इसके लिए निगम प्रबंधन बराबर निगरानी बनाए रखेगा। ठेका लेने वाली कंपनी को इसके लिए जरूरी हिदायतें दे दी गई हैं। ओबरा ए की 50 मेगावाट वाली पहली से पांचवीं और सौ मेगावाट वाली छठीं से सातवीं (550 मेगावाट) की जगह 660 मेगावाट की नई यूनिट बैठाई जाएगी। जापानी कंपनी के सर्वे और तैयार कराई गई फिजिबिलिटी रिपोर्ट में सब कुछ ओके मिला है।
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इसी महीने 14 सितंबर को ऊर्जा से जुड़े बोर्ड की बैठक होगी, जिसमें टेंडर प्रक्रिया कब से शुरू की जाए, इसको लेकर निर्णय ले लिया जाएगा। इं. त्रिवेदी ने बताया कि बिजली को लेकर प्रदेश सरकार गंभीर है। 1320 मेगावाट वाली जवाहरपुर (एटा) का ठेका भी दुसान को मिला है। जल्द ही यहां भी कार्य शुरू होगा। करछना के बारे में बताया कि इसके ठेका का भी काम अंतिम चरण में है। बीड के फाइनल चरण में अब बस दो कंपनियां रह गई हैं। जल्द ही यह निश्चित कर लिया जाएगा कि परियोजना का निर्माण इसमें किस कंपनी से कराया जाना ठीक रहेगा।
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