{"_id":"5948105f4f1c1b66678b46ed","slug":"nursing-ground","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रसूता लेटी जमीन पर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रसूता लेटी जमीन पर
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Mon, 19 Jun 2017 11:26 PM IST
विज्ञापन
मरीज को नहीं मिला बेड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला अस्पताल में सोमवार को एक बड़ी लापरवाही सामने आई। एक बार फिर प्रसूता को घंटों बेड नहीं दिया गया। वह भोर के चार बजे से दोपहर बाद डेढ़ बजे तक अस्पताल के बरामदे में जमीन पर लेटी रही। सीएमओ दफ्तर तक मामला पहुंचने पर प्रभारी सीएमएस डॉ. केके सिंह ने खुद प्रसूता को बेड दिलवाया। उसे जुड़वा बच्चे पैदा हुए हैं, जिन्हें एसएनसीयू में भर्ती किया गया है। प्रभारी सीएमओ डॉ. सलिल श्रीवास्तव का कहना है कि मामले में लापरवाही की जांच कराई जाएगी।
रामपुर बरकोनिया थाना क्षेत्र के छोढ़ा गांव निवासी सुनीता (28) पत्नी संजय धांगर को शनिवार की रात प्रसव पीड़ा हुई। उसे नेवारी गांव में स्थित एएनएम सेंटर पर ले जाया गया। रात में करीब एक बजे उसे जुड़वा बच्चे पैदा हुए। की हालत ठीक न होने पर भोर में करीब चार बजे जच्चा-बच्चा को एंबुलेंस से जिला संयुक्त चिकित्सालय लाया गया।
दोनों बच्चों को एसएनसीयू में तो भर्ती कर लिया गया लेकिन महिला को बेड नहीं दिया गया। सुनीता भोर से दोपहर बाद करीब डेढ़ बजे तक प्रसवोत्तर केंद्र के पास बरामदे में जमीन पर ही पड़ी रही। जब इसकी शिकायत प्रभारी सीएमओ डॉ. सलिल श्रीवास्तव के पास पहुंची तो उन्होंने इस मामले में पूछताछ शुरू की।
विज्ञापन
प्रसूता को तत्काल बेड उपलब्ध कराने का निर्देश प्रभारी सीएमएस को दिया। प्रभारी सीएमएस डॉ. केके सिंह ने बताया कि जानकारी मिलते ही महिला को बेड उपलब्ध करा दिया गया है। लापरवाही के सवाल पर उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि उन्हें जानकारी नहीं कि इसमें किस स्तर से लापरवाही हुई है। इसे देखा जाएगा।
उधर प्रभारी सीएमओ ने भी कहा कि प्रसव के बाद कम से कम 48 घंटे तक जच्चा-बच्चा को भर्ती करने का नियम है। यदि इसमें लापरवाही की गई है तो यह गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
रामपुर बरकोनिया थाना क्षेत्र के छोढ़ा गांव निवासी सुनीता (28) पत्नी संजय धांगर को शनिवार की रात प्रसव पीड़ा हुई। उसे नेवारी गांव में स्थित एएनएम सेंटर पर ले जाया गया। रात में करीब एक बजे उसे जुड़वा बच्चे पैदा हुए। की हालत ठीक न होने पर भोर में करीब चार बजे जच्चा-बच्चा को एंबुलेंस से जिला संयुक्त चिकित्सालय लाया गया।
विज्ञापन
दोनों बच्चों को एसएनसीयू में तो भर्ती कर लिया गया लेकिन महिला को बेड नहीं दिया गया। सुनीता भोर से दोपहर बाद करीब डेढ़ बजे तक प्रसवोत्तर केंद्र के पास बरामदे में जमीन पर ही पड़ी रही। जब इसकी शिकायत प्रभारी सीएमओ डॉ. सलिल श्रीवास्तव के पास पहुंची तो उन्होंने इस मामले में पूछताछ शुरू की।
विज्ञापन
प्रसूता को तत्काल बेड उपलब्ध कराने का निर्देश प्रभारी सीएमएस को दिया। प्रभारी सीएमएस डॉ. केके सिंह ने बताया कि जानकारी मिलते ही महिला को बेड उपलब्ध करा दिया गया है। लापरवाही के सवाल पर उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि उन्हें जानकारी नहीं कि इसमें किस स्तर से लापरवाही हुई है। इसे देखा जाएगा।
उधर प्रभारी सीएमओ ने भी कहा कि प्रसव के बाद कम से कम 48 घंटे तक जच्चा-बच्चा को भर्ती करने का नियम है। यदि इसमें लापरवाही की गई है तो यह गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी।