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Sonebhadra News: अब डिजिटल मशीन से होगी खाद-बीज की बिक्री
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खाद-बीज की बिक्री अब और सुगम व पारदर्शी ढंग से होगी। इसके लिए सहकारिता विभाग जिले के 79 बिक्री केंद्रों पर डिजिटल पॉस मशीन स्थापित करने जा रहा है। समितियों को हाईटेक करने की दिशा में लाई गई इन मशीनों पर किसानों को सिर्फ अंगूठा लगाना होगा।
सर्वर के सुस्त होने से वितरण में देरी की समस्या भी नहीं होगी। जिले में 62 सहकारी समितियां हैं। इसके अलावा सहकारी संघ, क्रय-विक्रय केंद्रों के माध्यम से भी किसानों को खाद-बीज उपलब्ध कराया जाता है।
कालाबाजारी रोकने के लिए विभाग की ओर से लगातार नए प्रयास किए जा रहे हैं। पूर्व में सभी बिक्री केंद्रों पर पॉस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन दी गई थी। यह मशीन साधारण थी। इसमें किसान का पूरा विवरण दर्ज करने के बाद खाद-बीज दिया जाता था।
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कई बार सर्वर सुस्त होने या न चलने के कारण दिक्कत होती थी। इसका लाभ उठाकर बिचौलिए भी खाद-बीज पा लेते थे। इस प्रक्रिया पर अंकुश लगाने के लिए अब डिजिटल पॉस मशीन केंद्रों को उपलब्ध कराया जा रहा है।
इससे सिर्फ अंगूठा लगाकर ही खाद-बीज लिया जा सकेगा। उन्हें डिजिटल भुगतान की सुविधा के साथ अपनी खरीद के बारे में विस्तृत जानकारी भी मिलेगी। इन मशीनों के माध्यम से, किसान आसानी से अपने आधार कार्ड का उपयोग करके और अंगूठा लगाकर ट्रांजेक्शन कर सकते हैं।
इससे कालाबाजारी और गलत लेनदेन को रोकने में मदद मिलेगी। एआर कोऑपरेटिव देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि खाद-बीज बिक्री में पारदर्शिता के लिए 79 बिक्री केंद्रों पर डिजिटल पॉस मशीन उपलब्ध कराया गया है।
अब इसी के माध्यम से बिक्री होगी। इससे लेनदेन का रिकॉर्ड ऑनलाइन होगा तो कालाबाजारी की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। यह किसानों की समय और ऊर्जा भी बचाएगा।
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सर्वर के सुस्त होने से वितरण में देरी की समस्या भी नहीं होगी। जिले में 62 सहकारी समितियां हैं। इसके अलावा सहकारी संघ, क्रय-विक्रय केंद्रों के माध्यम से भी किसानों को खाद-बीज उपलब्ध कराया जाता है।
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कालाबाजारी रोकने के लिए विभाग की ओर से लगातार नए प्रयास किए जा रहे हैं। पूर्व में सभी बिक्री केंद्रों पर पॉस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन दी गई थी। यह मशीन साधारण थी। इसमें किसान का पूरा विवरण दर्ज करने के बाद खाद-बीज दिया जाता था।
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कई बार सर्वर सुस्त होने या न चलने के कारण दिक्कत होती थी। इसका लाभ उठाकर बिचौलिए भी खाद-बीज पा लेते थे। इस प्रक्रिया पर अंकुश लगाने के लिए अब डिजिटल पॉस मशीन केंद्रों को उपलब्ध कराया जा रहा है।
इससे सिर्फ अंगूठा लगाकर ही खाद-बीज लिया जा सकेगा। उन्हें डिजिटल भुगतान की सुविधा के साथ अपनी खरीद के बारे में विस्तृत जानकारी भी मिलेगी। इन मशीनों के माध्यम से, किसान आसानी से अपने आधार कार्ड का उपयोग करके और अंगूठा लगाकर ट्रांजेक्शन कर सकते हैं।
इससे कालाबाजारी और गलत लेनदेन को रोकने में मदद मिलेगी। एआर कोऑपरेटिव देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि खाद-बीज बिक्री में पारदर्शिता के लिए 79 बिक्री केंद्रों पर डिजिटल पॉस मशीन उपलब्ध कराया गया है।
अब इसी के माध्यम से बिक्री होगी। इससे लेनदेन का रिकॉर्ड ऑनलाइन होगा तो कालाबाजारी की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। यह किसानों की समय और ऊर्जा भी बचाएगा।