सोनभद्रः बसपा के राष्ट्रीय महासचिव ने किया चुनावी शंखनाद, कहा- ब्राह्मणों के स्वाभिमान को झकझोर रही है भाजपा
बसपा के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र मिश्र ने सोनांचल की भूमि पर विधानसभा चुनाव का शंखनाद किया। सपा और भाजपा को ब्राह्मण विरोधी बताया तो बसपा को सबसे बड़ा हितैषी करार दिया।
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बसपा के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र मिश्र ने सोनांचल की भूमि पर विधानसभा चुनाव का शंखनाद किया। सपा और भाजपा को ब्राह्मण विरोधी बताया तो बसपा को सबसे बड़ा हितैषी करार दिया। प्रदेश में पूर्ण बहुमत के साथ फिर से बसपा की सरकार बनाने के लिए ब्राह्मण एकजुटता की अपील की।
बुधवार को सोनभद्र जिले के रामलीला मैदान में पार्टी के प्रबुद्ध विचार गोष्ठी में राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र ने कहा कि बसपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है, जिसमें ब्राह्मणों का उत्थान निश्चित है। भाजपा सरकार में ब्राह्मणों का उत्पीड़न हो रहा है। जहां एक तरफ उनके प्रति संवेदना जताई जाती है तो दूसरी ओर उनके स्वाभिमान को भी झकझोरने की कोशिश की जाती है।
उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर वोट लेने वालों ने कभी समाज के लोगों की फिक्र नहीं की है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में समाज के लोगों की हत्याएं और इनकाउंटर की बात कहते हुए ब्राह्मण समाज से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बसपा सरकार में ब्राह्मण समाज को न सिर्फ बड़ी जिम्मेदारी मिली, बल्कि बसपा प्रमुख ने समाज से किया हर वादा भी पूरा किया। सर्वाधिक 85 ब्राह्मणों को टिकट दिए, जिसमें 45 को जीत मिली। 15 मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष भी बसपा ने ही दिया।
बसपा नेता ने कहा कि सपा और भाजपा दोनों ने सिर्फ ब्राह्मणों के वोट की राजनीति करती है। दोबारा वक्त आ गया है, जब अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक व ब्राह्मण मिलकर बसपा की सरकार बनाएंगे। वर्तमान सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि यह सरकार बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन वादों पर कभी खरा नहीं उतरती। इस सरकार में लाखों युवाओं को नौकरी देने की बात की गई थी, लेकिन नौकरी देने के बदले सरकार ने सरकारी दफ्तरों को प्राइवेट कर कइयों को बेरोजगार कर दिया।
उन्होंने कहा कि सपा और भाजपा दोनों ने सिर्फ ब्राह्मणों के वोट की राजनीति करती है। दोबारा वक्त आ गया है, जब अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक व ब्राह्मण मिलकर बसपा की सरकार बनाएंगे। वर्तमान सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि यह सरकार बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन वादों पर कभी खरा नहीं उतरती। इस सरकार में लाखों युवाओं को नौकरी देने की बात की गई थी, लेकिन नौकरी देने के बदले सरकार ने सरकारी दफ्तरों को प्राइवेट कर कइयों को बेरोजगार कर दिया।
ब्राह्मणों और दलितों को आगे बढ़ने से रोक रहीं भाजपा-सपा : सतीश मिश्रा
मिर्जापुर के सिटी क्लब मैदान में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन को संबोधित बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र ने कहा कि प्रदेश में ब्राह्मणों और दलितों को आगे बढ़ने से रोकने में समाजवादी पार्टी से भाजपा सरकार दस कदम आगे है। आवाज उठाने पर ब्राह्मणों और दलितों पर जुल्म ढाए जा रहे हैं। उनको मौत के घाट तक उतार दिया जा रहा है। ब्राह्मण और दलित भाजपा का चेहरा बेनकाब करते हुए 2022 के चुनाव में उसे उखाड़ फेंकेंगे।
बसपा के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट का निर्णय हो गया तो फिर क्यों अयोध्या में मंदिर निर्माण के नाम पर भाजपा वाले झोला लेकर नोट बटोर रहे हैं। कहा कि दस हजार करोड़ रुपये वसूलने के बाद भी वहां नींव तक नहीं पड़ी। राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि ब्राह्मणों का सम्मान केवल बसपा में ही है। दलित और ब्राह्मण मिलकर प्रदेश की तकदीर बदल सकते हैं। बसपा राष्ट्रीय महासचिव ने ब्राह्मण और दलितों पर हुए अत्याचार को लेकर कानपुर, हाथरस, लखनऊ व गोरखपुर का जिक्र किया।
राष्ट्रीय महासचिव ने वर्ष 2007-2012 के बीच मायावती शासन काल का उल्लेख करते हुए कहा कि वृंदावन आदि का विकास किया गया, लेकिन वर्तमान सरकार मंदिरों का स्वरूप बदलकर सिर्फ घूमने-फिरने का स्थान बना रही है। कहा कि भाजपा वाले मंदिरों और घाटों से भी टैक्स वसूलने की फिराक में हैं। पूर्व माध्यमिक शिक्षा मंत्री रंगनाथ मिश्र ने भी संबोधित किया।