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राधा-श्याम की झांकी ने मन मोहा
ब्यूरो, सोनभद्र, अमर उजाला
Updated Mon, 19 Jan 2015 11:36 PM IST
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वृंदावन से आए विशाखा रणबिहारी रासलीला मंडल संस्थान के कलाकारों ने किरबिल बाजार में चल रहे रासलीला में सोमवार को जलंधर वध का मंचन किया। इसके पहले राधा-श्याम की झांकी प्रस्तुत की गई।
रासलीला देखने पहुंचे बच्चों ने तालियां बजाकर खुशी का इजहार किया। रासलीला मंचन के समय इंद्र ने जब शंकर भगवान का अपमान किया तो भोलेनाथ ने अपने कमंडल के जल से जलंधर को पैदा किया। जलंधर बड़ा पराक्रमी था। अपमान का बदला लेने के लिए देवताओं पर आक्रमण करने लगा इससे भयभीत होकर देवता रण छोड़कर भाग खड़े हुए। जलंधर और वृंदा के विवाह का मंचन किया गया।
वृंदा को अखंड सुहाग का वरदान था। उसका धर्म नष्ट होता तभी जलंधर मरता। इस पर भोलेनाथ ने जलंधर का रूप धर कर वृंदा का धर्म नष्ट किया तब जाकर जलंधर का वध हो सका। इस मौके पर ग्राम प्रधान जगदीश जायसवाल, ज्युनाथ मिश्र, अरविंद आदि रहे।
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रासलीला देखने पहुंचे बच्चों ने तालियां बजाकर खुशी का इजहार किया। रासलीला मंचन के समय इंद्र ने जब शंकर भगवान का अपमान किया तो भोलेनाथ ने अपने कमंडल के जल से जलंधर को पैदा किया। जलंधर बड़ा पराक्रमी था। अपमान का बदला लेने के लिए देवताओं पर आक्रमण करने लगा इससे भयभीत होकर देवता रण छोड़कर भाग खड़े हुए। जलंधर और वृंदा के विवाह का मंचन किया गया।
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वृंदा को अखंड सुहाग का वरदान था। उसका धर्म नष्ट होता तभी जलंधर मरता। इस पर भोलेनाथ ने जलंधर का रूप धर कर वृंदा का धर्म नष्ट किया तब जाकर जलंधर का वध हो सका। इस मौके पर ग्राम प्रधान जगदीश जायसवाल, ज्युनाथ मिश्र, अरविंद आदि रहे।
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