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गर्वमेंट ग्रांट की जमीन पर करा लिया खनन पट्टा, जांच शुरू
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ओबरा तहसील क्षेत्र के बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र में गवर्नमेंट ग्रांट की जमीनों की खतौनी में श्रेणी परिवर्तन करते हुए खनन पट्टा कराने के मामले ने तूल पकड़ना शुरू कर दिया है। मामला संज्ञान में आने पर विंध्याचल मंडल मिर्जापुर के आयुक्त योगेश्वर राम मिश्रा ने डीएम अभिषेक सिंह को प्रकरण की जांच करा कर कार्यवाही करने को कहा है। उधर, जांच की भनक लगते ही संबंधितों में हड़कंप मच गया है।
गौरतलब हो कि कुछ दिन पूर्व में बिरसा मुंडा फाउंडेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट की सचिव शांति वर्मा ने मिर्जापुर मंडल मिर्जापुर के मंडलायुक्त से मुलाकात कर उन्हें शिकायती पत्र सौंपा था। उन्होंने शिकायती पत्र के जरिये बताया कि ओबरा तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत बिल्ली-मारकुंडी में गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट के तहत कई लोगों को पट्टे पर जमीन दी गई है। आरोप है कि अनुसूचित जाति के बिल्ली-मारकुंडी निवासी एक व्यक्ति के नाम के पट्टे की भूमि दो लोगों के नाम से बैनामा कर दिया गया और नायब तहसीलदार राबर्ट्सगंज के यहां से दाखिल खारिज करते हुए नामांतरण की कार्यवाही पूर्ण कर राजस्व अभिलेख में नाम दर्ज कर लिया गया और बाद में उस पर खनन लीज भी स्वीकृत करा ली गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए एक जून को विंध्याचल मंडल मिर्जापुर के आयुक्त योगेश्वर राम मिश्रा ने डीएम को शांति वर्मा की शिकायत पत्रों में उल्लिखित तथ्यों की तत्काल जांच कराकर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। साथ ही कार्यवाही से अवगत कराने को कहा है। उधर जांच शुरू होने की भनक लगते ही नियमों की अनदेखी कर गवर्नमेंट ग्रांट की भूमि क्रय कर उस पर पट्टा स्वीकृत कराने वालों में खलबली मच गई है।
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गौरतलब हो कि कुछ दिन पूर्व में बिरसा मुंडा फाउंडेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट की सचिव शांति वर्मा ने मिर्जापुर मंडल मिर्जापुर के मंडलायुक्त से मुलाकात कर उन्हें शिकायती पत्र सौंपा था। उन्होंने शिकायती पत्र के जरिये बताया कि ओबरा तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत बिल्ली-मारकुंडी में गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट के तहत कई लोगों को पट्टे पर जमीन दी गई है। आरोप है कि अनुसूचित जाति के बिल्ली-मारकुंडी निवासी एक व्यक्ति के नाम के पट्टे की भूमि दो लोगों के नाम से बैनामा कर दिया गया और नायब तहसीलदार राबर्ट्सगंज के यहां से दाखिल खारिज करते हुए नामांतरण की कार्यवाही पूर्ण कर राजस्व अभिलेख में नाम दर्ज कर लिया गया और बाद में उस पर खनन लीज भी स्वीकृत करा ली गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए एक जून को विंध्याचल मंडल मिर्जापुर के आयुक्त योगेश्वर राम मिश्रा ने डीएम को शांति वर्मा की शिकायत पत्रों में उल्लिखित तथ्यों की तत्काल जांच कराकर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। साथ ही कार्यवाही से अवगत कराने को कहा है। उधर जांच शुरू होने की भनक लगते ही नियमों की अनदेखी कर गवर्नमेंट ग्रांट की भूमि क्रय कर उस पर पट्टा स्वीकृत कराने वालों में खलबली मच गई है।
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