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नक्सल क्षेत्र के 146 गांवों में लगेंगे आरओ प्लांट
ब्यूरो अमर उजाला, सोनभद्र
Updated Fri, 16 Jan 2015 11:14 PM IST
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नक्सल प्रभावित क्षेत्र के 146 गांवोें के ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए आरओ प्लांट लगेगा। इसके लिए एसीए (अतिरिक्त केंद्रीय सहायता योजना) के तहत प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है।
सरकार से धन भी मिल गया है। जिला प्रशासन की ओर से नामित कार्यदायी संस्था जल्द ही गांवों में आरओ प्लांट लगाने की दिशा में काम शुरू कर देगी।
सूबे के एक छोर पर बसे अतिनक्सल प्रभावित सोनभद्र जिले के कुछ गांव ऐसे हैं, जहां पर पानी में फ्लोराइड और आयरन की मात्रा काफी अधिक है।
इन गांवों में लोग विकलांगता के शिकार हो चुके हैं। अब केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी एसीए (अतिरिक्त केंद्रीय सहायता योजना) के तहत जिले के आठों ब्लाक के नक्सल प्रभावित 146 गांवों में आरओ प्लांट लगेगा।
इसके लिए जिला प्रशासन ने कार्यदायी संस्था को भी नामित कर दिया है। एक प्लांट की कीमत करीब ढाई लाख रुपये है। जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि नक्सल क्षेत्र के जिन गांवों 146 गांवों मेें आरओ प्लांट लगने है उनकी सूची कार्यदायी संस्था को उपलब्ध करा दी गई है।
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कार्यदायी संस्था करीब दस दिन में गांवों में आरओ प्लांट लगाने की दिशा में काम शुरू कर देगी। कहा कि आरओ प्लांट लगाने के लिए नक्सल क्षेत्र कुछ और गांवों का चयन किया जा रहा है।
जिले की भौगोलिक स्थिति पहाड़ी होने के नाते नक्सल क्षेत्र के अधिकांश गांवों मेें पेयजल की समस्या बनी रहती है। विवश होकर ग्रामीण नदी, नाले और चुआंड़ का पानी पीते हैं।
दूषित पानी पीने से ग्रामीणों को विभिन्न प्रकार की बीमारी होती हैं। आरओे प्लांट लगने से ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा और रोगों से छुटकारा मिलेगा।
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सरकार से धन भी मिल गया है। जिला प्रशासन की ओर से नामित कार्यदायी संस्था जल्द ही गांवों में आरओ प्लांट लगाने की दिशा में काम शुरू कर देगी।
सूबे के एक छोर पर बसे अतिनक्सल प्रभावित सोनभद्र जिले के कुछ गांव ऐसे हैं, जहां पर पानी में फ्लोराइड और आयरन की मात्रा काफी अधिक है।
इन गांवों में लोग विकलांगता के शिकार हो चुके हैं। अब केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी एसीए (अतिरिक्त केंद्रीय सहायता योजना) के तहत जिले के आठों ब्लाक के नक्सल प्रभावित 146 गांवों में आरओ प्लांट लगेगा।
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इसके लिए जिला प्रशासन ने कार्यदायी संस्था को भी नामित कर दिया है। एक प्लांट की कीमत करीब ढाई लाख रुपये है। जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि नक्सल क्षेत्र के जिन गांवों 146 गांवों मेें आरओ प्लांट लगने है उनकी सूची कार्यदायी संस्था को उपलब्ध करा दी गई है।
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कार्यदायी संस्था करीब दस दिन में गांवों में आरओ प्लांट लगाने की दिशा में काम शुरू कर देगी। कहा कि आरओ प्लांट लगाने के लिए नक्सल क्षेत्र कुछ और गांवों का चयन किया जा रहा है।
जिले की भौगोलिक स्थिति पहाड़ी होने के नाते नक्सल क्षेत्र के अधिकांश गांवों मेें पेयजल की समस्या बनी रहती है। विवश होकर ग्रामीण नदी, नाले और चुआंड़ का पानी पीते हैं।
दूषित पानी पीने से ग्रामीणों को विभिन्न प्रकार की बीमारी होती हैं। आरओे प्लांट लगने से ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा और रोगों से छुटकारा मिलेगा।