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अध्यक्ष व ब्लाक प्रमुख पद के लिए शुरू हुआ जोड़-तोड़
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सोनभद्र। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत ग्राम प्रधान पद के लिए मतगणना होने के बाद जहां अब ग्रामीण विकास के बारे में सोच रहे हैं तो वहीं क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य और राजनीतिक दलों के लोग जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लाक प्रमुख की कुर्सी को अपने पाले में करने की कोशिश में जुट गए हैं। इसके लिए अभी से जोड़-तोड़ शुरू हो गई है। क्षेत्र पंचायत प्रमुख के दावेदार जहां क्षेत्र पंचायत सदस्यों से मिलकर उन्हें अपने पाले करने में की कोशिश कर रहे हैं तो वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए राजनीतिक दलों ने ताकत लगा दी है।
31 जिला पंचायत सदस्यों वाले जिला पंचायत में अध्यक्ष पद इस बार अनारक्षित है। ऐसे में जो लोग अनारक्षित सीट पर चुनाव जीते हैं वह अपने को अध्यक्ष का दावेदार मान रहे हैं। वहीं कुछ पिछड़े और अनुसूचित जाति, जनजाति के विजयी उम्मीदवार भी अपनी राजनीतिक पकड़ के दम पर दंभ भर रहे हैं। हालांकि अब देखना यह है कि ऊंट किस करवट बैठता है। किसी भी दल को बहुमत भर का आंकड़ा हासिल नहीं हुआ। ऐसे में दूसरे दलों के समर्थित उम्मीदवारों को अपने खेमें मिलाने की जुगत शुरू कर दिए हैं। वहीं हाल ब्लाक प्रमुखों का भी है। जिले में कुल 31 जिला पंचायत सदस्य मिलकर अध्यक्ष चुनेंगे, जबकि 781 क्षेत्र पंचायत सदस्य मिलकर 10 ब्लाकों के लिए प्रमुख का चुनाव करेंगे।
किस ब्लाक में किस वर्ग के होंगे ब्लाक प्रमुख
राबर्ट्सगंज ब्लाक क्षेत्र में कुल 113 क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। यहां के बीडीसी मिलकर अनुसूचित जाति वर्ग के उम्मीदवार को ब्लाक प्रमुख चुनेंगे। इसी तरह अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित घोरावल में 102 बीडीसी हैं। करमा में 75 सदस्य मिलकर अनुसूचित जाति महिला वर्ग के प्रत्याशी को प्रमुख बनाएंगे। चतरा और नगवां में क्रमश: 55 व 43 सदस्य हैं। यहां का प्रमुख पद पिछड़ा वर्ग महिला व अनारक्षित है। चोपन में प्रमुख पद इस बार अनुसूचित जनजाति महिला, कोन में महिला, म्योरपुर में अनुसूचित जनजाति, दुद्धी व बभनी में अनारक्षित है।
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निर्दलीय सदस्य तय करेंगे कौन बनेगा अध्यक्ष
इस बार के चुनाव में 11 सीटों पर समाजवादी पार्टी के समर्थित उम्मीदवारों को जीत मिली है। जबकि छह पर भाजपा को। अपना दल और बसपा को तीन-तीन सीटें मिली हैं। कांग्रेस के किसी भी उम्मीदवार को जीत नहीं मिली। दो सीटें जन अधिकार पार्टी और निषाद पार्टी को मिली हैं। बाकी सभी पर निर्दलीय चुनाव जीते हैं। यानी जीत के लिए निर्दलीय सदस्य असली काम करेंगे। वह जिधर जाएंगे उसकी जीत तय है।
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31 जिला पंचायत सदस्यों वाले जिला पंचायत में अध्यक्ष पद इस बार अनारक्षित है। ऐसे में जो लोग अनारक्षित सीट पर चुनाव जीते हैं वह अपने को अध्यक्ष का दावेदार मान रहे हैं। वहीं कुछ पिछड़े और अनुसूचित जाति, जनजाति के विजयी उम्मीदवार भी अपनी राजनीतिक पकड़ के दम पर दंभ भर रहे हैं। हालांकि अब देखना यह है कि ऊंट किस करवट बैठता है। किसी भी दल को बहुमत भर का आंकड़ा हासिल नहीं हुआ। ऐसे में दूसरे दलों के समर्थित उम्मीदवारों को अपने खेमें मिलाने की जुगत शुरू कर दिए हैं। वहीं हाल ब्लाक प्रमुखों का भी है। जिले में कुल 31 जिला पंचायत सदस्य मिलकर अध्यक्ष चुनेंगे, जबकि 781 क्षेत्र पंचायत सदस्य मिलकर 10 ब्लाकों के लिए प्रमुख का चुनाव करेंगे।
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किस ब्लाक में किस वर्ग के होंगे ब्लाक प्रमुख
राबर्ट्सगंज ब्लाक क्षेत्र में कुल 113 क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। यहां के बीडीसी मिलकर अनुसूचित जाति वर्ग के उम्मीदवार को ब्लाक प्रमुख चुनेंगे। इसी तरह अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित घोरावल में 102 बीडीसी हैं। करमा में 75 सदस्य मिलकर अनुसूचित जाति महिला वर्ग के प्रत्याशी को प्रमुख बनाएंगे। चतरा और नगवां में क्रमश: 55 व 43 सदस्य हैं। यहां का प्रमुख पद पिछड़ा वर्ग महिला व अनारक्षित है। चोपन में प्रमुख पद इस बार अनुसूचित जनजाति महिला, कोन में महिला, म्योरपुर में अनुसूचित जनजाति, दुद्धी व बभनी में अनारक्षित है।
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निर्दलीय सदस्य तय करेंगे कौन बनेगा अध्यक्ष
इस बार के चुनाव में 11 सीटों पर समाजवादी पार्टी के समर्थित उम्मीदवारों को जीत मिली है। जबकि छह पर भाजपा को। अपना दल और बसपा को तीन-तीन सीटें मिली हैं। कांग्रेस के किसी भी उम्मीदवार को जीत नहीं मिली। दो सीटें जन अधिकार पार्टी और निषाद पार्टी को मिली हैं। बाकी सभी पर निर्दलीय चुनाव जीते हैं। यानी जीत के लिए निर्दलीय सदस्य असली काम करेंगे। वह जिधर जाएंगे उसकी जीत तय है।