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धंधरौल और नगवां डैम का जलस्तर हुआ कम
ब्यूरो, अमर उजाला/ सोनभद्र
Updated Sun, 24 Apr 2016 10:58 PM IST
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नगवां बांध में घटा जलस्तर
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धंधरौल और नगवां बांध से अब सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाएगा। अप्रैल की गर्मी में ही धंधरौल का जलस्तर बार्डर लाइन 14 फीट पर खिसक कर आ गया है। इसी तरह नगवां जलस्तर 121 घन फीट है। अब यदि आगामी खेती के लिए इन बांधों से पानी दिया गया तो बांध के लिए खतरा पैदा हो सकता है। बांध में दरार पड़ सकती है।
सिंचाई विभाग से जुड़े धंधरौल बांध के जेई साजिद अली का कहना है कि अब पीने के लिए भी पानी की ज्यादा आपूर्ति से जलस्तर कम होगा, जो सीधे तौर पर बांध के लिए घातक साबित हो सकता है। नगवां बांध से सोनभद्र के चतरा और राबर्ट्सगंज ब्लॉक तथा चंदौली के नौगढ़ ब्लॉक क्षेत्र के सैकड़ों गांवों की सिंचाई होती है।
कर्मनाशा कट, कूड़ा राजवाहा, गौरवा माइनर, संडी माइनर, रामगढ़ माइनर और कोटास माइनर के जरिए इन क्षेत्रों की सिंचाई होती है। ग्रामीण प्रदीप सिंह, राम प्रवेश चौबे, राहुल, विजय सिंह, लालबहादुर पांडेय, अशोक चौबे, चतरा ब्लॉक प्रमुख मनीचंद, सुशील और गोपाल का कहना है कि जब अप्रैल माह में यह हालत है तो मई-जून माह में क्या होगा। जीव-जंतुओं के साथ ही आम लोगों के समक्ष पानी की समस्या विकट हो जाएगी।
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सोन लिफ्ट की तरह नगवां बांध को भरने की जरूरत है। बंधी डिविजन के जेई श्रीनाथ प्रसाद विश्वकर्मा का कहना है कि वर्तमान समय में नगवां बांध में 121 घन फुट पानी है। इसमें से 120 घन फुट पानी हरहाल में बांध की सुरक्षा की दृष्टि से रखना है।
उधर, धंधरौल बांध से सोन पंप कैनाल, शाहगंज राजवाहा, घाघर मुख्य नहर, करकी माइनर, पगिया माइनर के जरिए सोनभद्र जिले के राबर्ट्सगंज और घोरावल ब्लॉक के अलावा मिर्जापुर के मड़िहान तहसील क्षेत्र के सैकड़ों गांवों की सिंचाई होती है। धंधरौल बांध के जेई साजिद अली का कहना है कि वर्तमान समय में धंधरौल बांध में सुरक्षा की दृष्टि से जितना पानी होना चाहिए सिर्फ 14 फीट पानी बचा है। कहा कि मई-जून माह में अगर पानी कम हुआ तो बांध की सुरक्षा को भी खतरा उत्पन्न हो जाएगा।
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सिंचाई विभाग से जुड़े धंधरौल बांध के जेई साजिद अली का कहना है कि अब पीने के लिए भी पानी की ज्यादा आपूर्ति से जलस्तर कम होगा, जो सीधे तौर पर बांध के लिए घातक साबित हो सकता है। नगवां बांध से सोनभद्र के चतरा और राबर्ट्सगंज ब्लॉक तथा चंदौली के नौगढ़ ब्लॉक क्षेत्र के सैकड़ों गांवों की सिंचाई होती है।
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कर्मनाशा कट, कूड़ा राजवाहा, गौरवा माइनर, संडी माइनर, रामगढ़ माइनर और कोटास माइनर के जरिए इन क्षेत्रों की सिंचाई होती है। ग्रामीण प्रदीप सिंह, राम प्रवेश चौबे, राहुल, विजय सिंह, लालबहादुर पांडेय, अशोक चौबे, चतरा ब्लॉक प्रमुख मनीचंद, सुशील और गोपाल का कहना है कि जब अप्रैल माह में यह हालत है तो मई-जून माह में क्या होगा। जीव-जंतुओं के साथ ही आम लोगों के समक्ष पानी की समस्या विकट हो जाएगी।
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सोन लिफ्ट की तरह नगवां बांध को भरने की जरूरत है। बंधी डिविजन के जेई श्रीनाथ प्रसाद विश्वकर्मा का कहना है कि वर्तमान समय में नगवां बांध में 121 घन फुट पानी है। इसमें से 120 घन फुट पानी हरहाल में बांध की सुरक्षा की दृष्टि से रखना है।
उधर, धंधरौल बांध से सोन पंप कैनाल, शाहगंज राजवाहा, घाघर मुख्य नहर, करकी माइनर, पगिया माइनर के जरिए सोनभद्र जिले के राबर्ट्सगंज और घोरावल ब्लॉक के अलावा मिर्जापुर के मड़िहान तहसील क्षेत्र के सैकड़ों गांवों की सिंचाई होती है। धंधरौल बांध के जेई साजिद अली का कहना है कि वर्तमान समय में धंधरौल बांध में सुरक्षा की दृष्टि से जितना पानी होना चाहिए सिर्फ 14 फीट पानी बचा है। कहा कि मई-जून माह में अगर पानी कम हुआ तो बांध की सुरक्षा को भी खतरा उत्पन्न हो जाएगा।