{"_id":"618960bcc9510224143f07fd","slug":"leopard-caught-after-ten-hours-of-search-operation-sonbhadra-news-vns6215424112","type":"story","status":"publish","title_hn":"दस घंटे तक सर्च ऑपरेशन के बाद पकड़ा गया तेंदुआ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दस घंटे तक सर्च ऑपरेशन के बाद पकड़ा गया तेंदुआ
विज्ञापन
घोरावल तहसील क्षेत्र के घुवास गांव में पकड़ा गया तेंदुआं
- फोटो : SONBHADRA
घोरावल तहसील क्षेत्र के पश्चिमी क्षेत्र में पखवारे भर से भटक रहा तेंदुआ सोमवार को तड़के तीन बजे पकड़ लिया गया। वन कर्मियों और पुलिस की दस घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बसनिया जंगल से तेंदुआ को पकड़ा गया। ये पता चलते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। तेंदुए को क्षेत्रीय रेंज कार्यालय ले जाया गया है। उसे उपचार के लिए कानपुर चिड़ियाघर भेज दिया गया।
वन विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा रविवार देर शाम से चलाए गए सर्च ऑपरेशन में करीब 10 घंटे तक कड़ी मशक्कत के बाद घुवास गांव से करीब तीन किलोमीटर दक्षिण बसनिया के जंगल में महुआ के पेड़ के नीचे तेंदुआ मिला। उसे पकड़कर वन विभाग की टीम घोरावल वन रेंज कार्यालय ले आई। उधर तेंदुए के पकड़े जाने पर उसे देखने के लिए घोरावल वन रेंज कार्यालय पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। डीएफओ मिर्जापुर आशुतोष जायसवाल व वन्य जीव प्रतिपालक राकेश कुमार भी घोरावल वन रेंज कार्यालय पहुंचे और तेंदुए के बारे में जानकारी ली।
बताते चलें कि घोरावल वन क्षेत्र के घुवास गांव के आसपास पिछले 15 दिनों से एक तेंदुआ भटक रहा था। पहले तो लोगों ने इसे अफवाह समझा, लेकिन शनिवार को कई ग्रामीणों ने तेंदुआ देखा। रविवार सुबह घुवास निवासी दिनेश यादव व उसके चचेरे भाई मनोज ने खेत जाते समय सपनिया गांव में एक पेड़ के नीचे तेंदुए को देखा। उसका फोटो व वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। इसके बाद वन विभाग व प्रशासन हरकत में आया। वन क्षेत्राधिकारी सुरजू प्रसाद ने एक टीम गठित की। तेंदुआ पकड़ने के लिए उभ्भा पुलिस के सहयोग से रविवार शाम पांच बजे से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। सोमवार को तड़के तीन बजे सपनिया जंगल में महुआ के पेड़ के नीचे तेंदुआ दिखाई दिया। उसे जाल, रस्सी व बांस की मदद से पकड़कर पिंजरे में बंद किया गया और वन रेंज कार्यालय घोरावल लाया गया। तेंदुआ पकड़ने वाली टीम में वन दारोगा अंजनी मिश्रा, राजन मिश्रा, रमाशंकर सिंह, संतोष कुमार सिंह, विश्वजीत मौर्य, राम अभिलाष वर्मा, ओमप्रकाश, पप्पू, उभ्भा चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र यादव आदि शामिल रहे। वन क्षेत्राधिकारी सुरजू प्रसाद ने बताया कि बसनिया जंगल में पकड़ा गया तेंदुआ नर प्रजाति का है, जिसकी लंबाई करीब छह फीट व उम्र चार वर्ष है। उच्चाधिकारियों एवं डॉक्टर के निर्देशानुसार उसे उपचार के लिए कानपुर चिड़ियाघर भेज दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वन विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा रविवार देर शाम से चलाए गए सर्च ऑपरेशन में करीब 10 घंटे तक कड़ी मशक्कत के बाद घुवास गांव से करीब तीन किलोमीटर दक्षिण बसनिया के जंगल में महुआ के पेड़ के नीचे तेंदुआ मिला। उसे पकड़कर वन विभाग की टीम घोरावल वन रेंज कार्यालय ले आई। उधर तेंदुए के पकड़े जाने पर उसे देखने के लिए घोरावल वन रेंज कार्यालय पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। डीएफओ मिर्जापुर आशुतोष जायसवाल व वन्य जीव प्रतिपालक राकेश कुमार भी घोरावल वन रेंज कार्यालय पहुंचे और तेंदुए के बारे में जानकारी ली।
विज्ञापन
बताते चलें कि घोरावल वन क्षेत्र के घुवास गांव के आसपास पिछले 15 दिनों से एक तेंदुआ भटक रहा था। पहले तो लोगों ने इसे अफवाह समझा, लेकिन शनिवार को कई ग्रामीणों ने तेंदुआ देखा। रविवार सुबह घुवास निवासी दिनेश यादव व उसके चचेरे भाई मनोज ने खेत जाते समय सपनिया गांव में एक पेड़ के नीचे तेंदुए को देखा। उसका फोटो व वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। इसके बाद वन विभाग व प्रशासन हरकत में आया। वन क्षेत्राधिकारी सुरजू प्रसाद ने एक टीम गठित की। तेंदुआ पकड़ने के लिए उभ्भा पुलिस के सहयोग से रविवार शाम पांच बजे से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। सोमवार को तड़के तीन बजे सपनिया जंगल में महुआ के पेड़ के नीचे तेंदुआ दिखाई दिया। उसे जाल, रस्सी व बांस की मदद से पकड़कर पिंजरे में बंद किया गया और वन रेंज कार्यालय घोरावल लाया गया। तेंदुआ पकड़ने वाली टीम में वन दारोगा अंजनी मिश्रा, राजन मिश्रा, रमाशंकर सिंह, संतोष कुमार सिंह, विश्वजीत मौर्य, राम अभिलाष वर्मा, ओमप्रकाश, पप्पू, उभ्भा चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र यादव आदि शामिल रहे। वन क्षेत्राधिकारी सुरजू प्रसाद ने बताया कि बसनिया जंगल में पकड़ा गया तेंदुआ नर प्रजाति का है, जिसकी लंबाई करीब छह फीट व उम्र चार वर्ष है। उच्चाधिकारियों एवं डॉक्टर के निर्देशानुसार उसे उपचार के लिए कानपुर चिड़ियाघर भेज दिया गया है।
विज्ञापन