फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Lawyers protested against the evening court order

Sonebhadra News: सायंकालीन न्यायालय के आदेश का वकीलों ने किया विरोध

Fri, 04 Apr 2025 11:01 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 04 Apr 2025 11:01 PM IST
विज्ञापन
Lawyers protested against the evening court order
सोनभद्र। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन सोनभद्र की बैठक शुक्रवार को डीबीए सभागार में अध्यक्ष जगजीवन सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसमें उच्च न्यायालय की तरफ से सायंकालीन न्यायालय चलाए जाने के आदेश का विरोध किया गया।
विज्ञापन

एसोसिएशन के अध्यक्ष जगजीवन सिंह ने कहा कि न्यायाधीशों की कमी का भार अधिवक्ताओं पर डालने के लिए सायंकालीन कोर्ट की व्यवस्था रखी गई है। कहा कि अधिवक्ता समाज बंधुआ मजदूर नहीं है जो सुबह से रात तक न्यायिक कार्यों में लगा रहे। सभी का अपना परिवार है और परिवार हमसे अपेक्षा भी रखता है। सायंकालीन कोर्ट किसी भी तरह से उचित नहीं है। इसलिए डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन सोनभद्र इसका पूर्ण विरोध करता है। अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों से विरत रहने का प्रस्ताव भी पारित किया। संचालन महामंत्री प्रदीप कुमार मौर्य ने किया। इस मौके पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन कुमार सिंह, राजेश कुमार यादव, राजेश कुमार मौर्य, टीटू गुप्ता, राजेश कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन


संध्याकालीन कोर्ट चलाए जाने के निर्णय का विरोध किया

रेणुकूट। पिपरी मे उप जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट परिसर में शुक्रवार को प्रदेश सरकार की तरफ प्रस्तावित सांध्य कालीन कोर्ट चलाने के निर्णय का विरोध किया गया। वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञानी प्रसाद की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में तमाम अधिवक्ताओं ने अपने विचार रखे। अधिवक्ता ज्ञानी प्रसाद ने कहा कि सरकार लंबित मुकदमों की संख्या ज्यादा होने के कारण उसके त्वरित निस्तारण के लिए संध्याकालीन न्यायालय चलाने का नया प्रस्ताव आया है जो कि पूर्णतः अव्यावहारिक है। उन्होंने कहा कि यदि 10 से 4 बजे तक न्यायालय ठीक ढंग से कार्य करें तो मुकदमे का निस्तारण किया जा सकता है। अधिवक्ता अनिल कुशवाहा ने कहा कि वर्तमान में न्यायपालिका में 35 फीसदी तक खाली पदों को तत्काल भरा जाए। जनसंख्या के बड़े अनुपात के अनुसार अतिरिक्त न्यायालय की स्थापना की जाए। तो लंबित मुकदमों का निस्तारण जल्दी किया जा सकता है। सोनभद्र आदिवासी गरीब पहाड़ी पिछड़ा क्षेत्र में दिन में ही आने-जाने की उचित व्यवस्था नहीं है। वहां के लिए रात्रि कालीन कोर्ट अव्यावहारिक व मजाकपूर्ण है। इस अवसर पर अरविंद यादव, अनूप श्रीवास्तव, रामानुज कुशवाहा, प्रभु सिंह, नागेंद्र जायसवाल,दिवाकर, अंजनी यादव, रामेश्वर राव, आरिफ, सुरेंद्र,आदित्य सिंह, विनोद राय, विवेक, धीरज, गोपाल, महीप,कमलेश आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed