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करमा महोत्सव: सोनभद्र में जीवंत हुई प्राचीन आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक वाद्य यंत्रों पर खूब थिरके लोग
Wed, 07 Sep 2022 07:48 PM IST
उत्पल कांत
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
Published by: उत्पल कांत
Updated Wed, 07 Sep 2022 07:48 PM IST
सार
सोनभद्र के बागेसोती गांव (जउआजोत) स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में बुधवार को
करमा महोत्सव का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में परंपरागत आदिवासी संस्कृति की झलक दिखी।
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बागेसोती गांव में करमा महोत्सव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पारंपरिक वाद्य यंत्रों पर करमा और शैला नृत्य की प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया। सुर और ताल देते हुए उनके कदम भी थिरकने लगे। मौका था करमा महोत्सव का। सेवा समर्पण संस्थान की ओर से सोनभद्र के बागेसोती गांव (जउआजोत) स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में परंपरागत आदिवासी संस्कृति की झलक दिखी। पुरातन संस्कृति को सहेजने के लिए अतिथियों ने आदिवासी समाज की सराहना की।
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मुख्य अतिथि जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष गणेश राम भगत ने कहा कि आदिवासी आज भी परंपरागत व भारतीय आदिवासी संस्कृति को कायम रखे हुए हैं। कार्यक्रम में क्षेत्र की कई टोलियों ने करमा नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी। विशिष्ट अतिथि समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव सिंह गोंड ने कहा कि करमा भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने का प्रमुख त्योहार है। नृत्य देखकर पुरानी परंपरा याद आ रही है।
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पहली बार बागेसोती पहुंचे मंत्री को परिषदीय स्कूलों के शिक्षक व प्रधान ने ज्ञापन सौंपकर बागेसोती प्रांगण में इंटर कॉलेज व स्टेडियम बनाने की मांग की। व्यापार मंडल ने कचनरवा व झंडिया बाबा तक जाने के लिए सीढ़ी निर्माण के लिए ज्ञापन सौंपा।
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करमा महोत्सव में मंच पर बैठे अतिथि
- फोटो : अमर उजाला
समर्पण संस्थान के सह मंत्री आलोक चतुर्वेदी, आएसएस के सह जिला कार्यवाह पंकज पांडेय ने कहा कि आज समय आ गया है जब वनवासी समाज राष्ट्र के सर्वांगीण उन्नति में सहभागी बनें।