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पौधरोपण के लिए गड्ढों के खुदाई में गड़बड़ी
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Sun, 24 Apr 2016 01:47 AM IST
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पाौधाराोपण
- फोटो : अमर उजाला
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सोनभद्र सोनांचल में मनरेगा घोटाले को लेकर भले ही सरकारी तंत्र गंभीर हो और घोटाले की जांच सीबीआई कर रही है लेकिन वन विभाग के विण्ढमगंज रेंज में इसका कोई खास प्रभाव नहीं पड़ रहा है। तभी तो इस रेंज के जंगलों में पौधरोपण के लिए गड्ढों की खुदाई के नाम पर महकमे ने लाखों का वारा-न्यारा कर दिया। जोरूखाड़ के अंजनिया दामर के कंपार्ट नंबर दस में पिछले 21 फरवरी से मनरेगा के तहत गड्ढों (ट्रेंच) की खुदाई श्रमिकों से ठेका पर चालीस रुपये प्रति गड्ढा के दर से कराया था।
इसमें श्रमिकों ने ठेका का काम समझ कर तीन बजे भोर से ही पत्नी-बच्चों के साथ शाम छह बजे तक हाड़तोड़ मेहनत कर दस फीट लंबाई, ढाई फीट चौड़ाई और डेढ़ फीट गहराई का दर्जनों गड्ढा खोद डाला। जब गड्ढों की खुदाई पूरी हो गई तो श्रमिकों से जॉब कार्ड मांगकर प्रतिदिन के दर से भुगतान कर दिया। इससे जिन श्रमिकों को चार से आठ हजार रुपये मिलना चाहिए था वह दो से चार हजार तक में ही सिमट गया।
जबकि प्रति गड्ढे (ट्रेंच) का दर 75 रुपये 94 पैसे है। वन विभाग ने 40 रुपये प्रति ट्रेंच की दर से मजदूरों का भुगतान किया गया। इस रेंज में पिछले एक साल के दौरान करोड़ों रुपये का मनरेगा के तहत कार्य कराया गया, जिसमें लाखों रुपये की कटौती कर बंदरबांट कर लिया गया। श्रमिक शंभू, बबलू, उदय, रिझन ने जिलाधिकारी का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया है। वहीं कार्य प्रभारी लालचंद ने बताया कि इस रेंज में पहले से ही इसकी तरह के कार्य हो रहे हैं।
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उधर रेंजर वीके मणि त्रिपाठी का कहना था कि मनरेगा के तहत कार्य कराया गया है लेकिन अभी के किसी के खाते में भुगतान नहीं गया है। खंती या ठेके पर कोई कार्य नहीं हुआ है।
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इसमें श्रमिकों ने ठेका का काम समझ कर तीन बजे भोर से ही पत्नी-बच्चों के साथ शाम छह बजे तक हाड़तोड़ मेहनत कर दस फीट लंबाई, ढाई फीट चौड़ाई और डेढ़ फीट गहराई का दर्जनों गड्ढा खोद डाला। जब गड्ढों की खुदाई पूरी हो गई तो श्रमिकों से जॉब कार्ड मांगकर प्रतिदिन के दर से भुगतान कर दिया। इससे जिन श्रमिकों को चार से आठ हजार रुपये मिलना चाहिए था वह दो से चार हजार तक में ही सिमट गया।
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जबकि प्रति गड्ढे (ट्रेंच) का दर 75 रुपये 94 पैसे है। वन विभाग ने 40 रुपये प्रति ट्रेंच की दर से मजदूरों का भुगतान किया गया। इस रेंज में पिछले एक साल के दौरान करोड़ों रुपये का मनरेगा के तहत कार्य कराया गया, जिसमें लाखों रुपये की कटौती कर बंदरबांट कर लिया गया। श्रमिक शंभू, बबलू, उदय, रिझन ने जिलाधिकारी का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया है। वहीं कार्य प्रभारी लालचंद ने बताया कि इस रेंज में पहले से ही इसकी तरह के कार्य हो रहे हैं।
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उधर रेंजर वीके मणि त्रिपाठी का कहना था कि मनरेगा के तहत कार्य कराया गया है लेकिन अभी के किसी के खाते में भुगतान नहीं गया है। खंती या ठेके पर कोई कार्य नहीं हुआ है।