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दुर्व्यवहार मामले में तीन वकीलों का आत्मसमर्पण
ब्यूरो/अमर उजाला/सोनभद्र
Updated Sat, 30 Apr 2016 11:29 PM IST
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जिले में तैनात रहे पूर्व एसीजेएम अमित प्रजापति से दुर्व्यवहार के मामलेे में सुप्रीम कोर्ट से अवमानना के दोषी तीन अधिवक्ताओं ने शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय कुमार की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। उन्हें 30 दिन के लिए मिर्जापुर जिला जेल भेज दिया गया। जेल जाने से पूर्व साथियों ने अधिवक्ताओं को माला पहनाकर स्वागत किया। गौरतलब है कि पूर्व एसीजेएम के साथ 12 अप्रैल 2013 को दुर्व्यवहार हुआ था।
पूर्व एसीजेएम अमित प्रजापति ने दुर्व्यवहार के मामले में 11 अधिवक्ताओं के खिलाफ हाईकोर्ट में अवमानना का वाद दाखिल किया था। इस मामले में हाईकोर्ट ने इन अधिवक्ताओं को दोषी पाते हुए सजा सुनाई थी। बाद में अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट चले गए। दो फरवरी 2016 को सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों को आपराधिक अवमानना का दोषी माना और हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया।
इस मामले में सोनभद्र बार एसोसिएशन के वर्तमान अध्यक्ष ओमप्रकाश राय, पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश पाठक और पूर्व महामंत्री महेंद्र शुक्ला की सजा को कम कर उन्हें तीस-तीस दिन की सजा सुनाई। शेष अधिवक्ताओं पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया। आठ वकीलों ने जुर्माना अदा कर दिया था। शनिवार को तीनों अधिवक्ताओं ने सीजेएम कोर्ट में शाम करीब चार बजे समर्पण कर दिया। सीजेएम ने जेल भेज दिया।
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पूर्व एसीजेएम अमित प्रजापति ने दुर्व्यवहार के मामले में 11 अधिवक्ताओं के खिलाफ हाईकोर्ट में अवमानना का वाद दाखिल किया था। इस मामले में हाईकोर्ट ने इन अधिवक्ताओं को दोषी पाते हुए सजा सुनाई थी। बाद में अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट चले गए। दो फरवरी 2016 को सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों को आपराधिक अवमानना का दोषी माना और हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया।
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इस मामले में सोनभद्र बार एसोसिएशन के वर्तमान अध्यक्ष ओमप्रकाश राय, पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश पाठक और पूर्व महामंत्री महेंद्र शुक्ला की सजा को कम कर उन्हें तीस-तीस दिन की सजा सुनाई। शेष अधिवक्ताओं पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया। आठ वकीलों ने जुर्माना अदा कर दिया था। शनिवार को तीनों अधिवक्ताओं ने सीजेएम कोर्ट में शाम करीब चार बजे समर्पण कर दिया। सीजेएम ने जेल भेज दिया।
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