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मेरी हत्या कराना चाहते हैं प्रतिद्वंद्वी : रूबी प्रसाद
ब्यूररो,अमर उजाला/सोनभद्र
Updated Tue, 12 Jul 2016 11:55 PM IST
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राबर्ट्सगंज पीडब्लूडी डाक बगला में पत्रकार वार्ता करती दुद्घी विधायक रुबी प्रसाद।
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दुद्धी की विधायक रूबी प्रसाद ने कहा है कि उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी उनकी हत्या कराना चाहते हैं। इसी नीयत से उनकी गाड़ी को धक्का मारा गया। कुछ लोग सीबीआई, सीआईडी और आईबी का अफसर बनकर जाति प्रमाणपत्र की जांच के नाम पर उनके परिवार का मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं।
राबर्ट्सगंज के लोक निर्माण विभाग अतिथि गृह में पत्रकार वार्ता में रूबी प्रसाद ने कहा कि वह दलित परिवार की महिला हैं। ऐसे में उनकी छवि बिगाड़ने के लिए उन्हें परेशान किया जा रहा है। उनकी कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं रही है। उनका जाति प्रमाणपत्र वर्षों पुराना है। कभी उन्होंने यह नहीं सोचा था कि वह चुनाव भी लड़ेंगी। फिर किसी दूसरे के नाम पर फर्जी प्रमाणपत्र बनवाने का सवाल कहां था।
प्रशासन प्रमाणपत्रों की जांच भी कर चुका है। जिस रूबी देवी और सुबोध राम के नाम पर उन्हें जोड़कर फर्जी प्रमाण पत्र की बात कही जा रही है आखिरकार वो कौन हैं ? उनको सामने लाया जाना चाहिए। आमने-सामने पूछताछ होनी चाहिए ताकि सच्चाई का पता चल सके। उन्होंने कहा कि वे इस मामले को गंभीरता से नहीं लेती थीं लेकिन जब से जानलेवा हमला हुआ तब से संजीदा हो गई हैं। कोई चाहे जितनी बार जांच करा ले लेकिन दलित और महिला होने के नाते उनका उत्पीड़न उचित नहीं है।
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राबर्ट्सगंज के लोक निर्माण विभाग अतिथि गृह में पत्रकार वार्ता में रूबी प्रसाद ने कहा कि वह दलित परिवार की महिला हैं। ऐसे में उनकी छवि बिगाड़ने के लिए उन्हें परेशान किया जा रहा है। उनकी कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं रही है। उनका जाति प्रमाणपत्र वर्षों पुराना है। कभी उन्होंने यह नहीं सोचा था कि वह चुनाव भी लड़ेंगी। फिर किसी दूसरे के नाम पर फर्जी प्रमाणपत्र बनवाने का सवाल कहां था।
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प्रशासन प्रमाणपत्रों की जांच भी कर चुका है। जिस रूबी देवी और सुबोध राम के नाम पर उन्हें जोड़कर फर्जी प्रमाण पत्र की बात कही जा रही है आखिरकार वो कौन हैं ? उनको सामने लाया जाना चाहिए। आमने-सामने पूछताछ होनी चाहिए ताकि सच्चाई का पता चल सके। उन्होंने कहा कि वे इस मामले को गंभीरता से नहीं लेती थीं लेकिन जब से जानलेवा हमला हुआ तब से संजीदा हो गई हैं। कोई चाहे जितनी बार जांच करा ले लेकिन दलित और महिला होने के नाते उनका उत्पीड़न उचित नहीं है।
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