सोनभद्र। तियरा कला में सोमवार की शाम शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत दिवस पर काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ। श्रीमती लता देवी वात्सल्य एवं जन सेवा सहयोग समिति के संयोजन में आयोजित समारोह कवियों ने ओजपूर्ण और विचारोत्तेजक रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सम्मेलन में कवयित्री कौशल्या चौहान ने देशभक्ति से ओतप्रोत रचना तीर हूं, तलवार हूं, अंगार हूं, भारत की मिट्टी से करती प्यार हूं... से श्रोताओं में जोश भरा।
सारिका श्रीवास्तव ने सांस लेना दूभर, ज़िंदगी ज़हर लगती है... से सामाजिक विडंबनाओं को स्वर दिया। डॉ. सीमा सिंह ने तन, मन, धन समर्पित वतन के लिए... से राष्ट्र समर्पण की भावना व्यक्त की। कमलेश खांबे ने फांसी का फंदा चूमकर गाते थे वंदे मातरम... और अर्पित शुक्ला ने मैं कलम की स्याही से तलवारों के वार लिखूंगा... सुनाकर वीर रस का संचार किया। ओम प्रकाश त्रिपाठी ने व्यवस्था पर तीखा प्रहार करते हुए देशहित में त्याग का संदेश दिया। शायर विवेक चतुर्वेदी ने समकालीन रिश्तों पर आधारित शायरी से सराहना बटोरी। इससे पहले आयोजक अरुण पांडे के नेतृत्व में शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। संचालन अशोक तिवारी ने किया, जबकि अध्यक्षता शिवदास ने की। संयोजक प्रद्युम्न त्रिपाठी की भोजपुरी प्रस्तुति ने माहौल को और ऊर्जावान बना दिया। इस अवसर पर रवि चौबे, श्रीकांत त्रिपाठी, रमाकांत देव, सत्य प्रकाश सिंह, जगदीश शुक्ला आदि मौजूद रहे।